---Advertisement---

Budget 2026 का काउंटडाउन शुरू! टैक्सपेयर्स की होगी बल्ले-बल्ले या हाथ लगेगी निराशा; चेक करें करदाताओं की निर्मला सीतारमण से ये महत्वपूर्ण मांगे

Budget 2026: सबसे ज्यादा उम्मीदें इस बजट से टैक्सपेयर्स यानि करदाताओं की बढ़ गई है। पिछले साल की तरह इस साल भी करदाता उम्मीद जता रहे है।

Avatar of Anurag Tripathi

By: Anurag Tripathi

Published: जनवरी 28, 2026 4:51 अपराह्न

Budget 2026
Follow Us
---Advertisement---

Budget 2026: आज से संसद का बजट सत्र शुरू हो चुका है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस सत्र की अपने भाषण के साथ शुरूआत की, गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 1 फरवरी 2026 को आम बजट पेश किया जाएगा। ये कहना गलत नहीं होगा कि बजट 2026 का काउंटडाउन शुरू हो गया है। हर सेक्टर की वित्त मंत्री से उम्मीदें बढ़ गई है। गौरतलब है कि सबसे ज्यादा उम्मीदें इस बजट से टैक्सपेयर्स यानि करदाताओं की बढ़ गई है। मालूम हो कि बजट 2025 में वित्त मंत्री ने टैक्स स्लैब में बड़ा फेरबदल किया था। वहीं एक बार टैक्सपेयर्स निर्मला सीतारमण से कुछ ऐसी ही उम्मीदें कर रहे है। जिसके बाद अब सवाल उठ रहा है कि इस बजट में करदाताओं की बल्ले-बल्ले होगी या फिर उन्हें निराशा हाथ लगेगी।

Budget 2026 से करदाताओं की ये खास उम्मीदें

बता दें कि बजट 2026 को लेकर करदाताओं बहुत सारी उम्मीदें है। जिसमे कम टैक्स रेट / स्लैब में सुधार, कटौती एवं छूट में सुधार जिसमे – धारा 80सी, 80डी जैसी कटौतियों का विस्तार करना, किफायती आवास प्रोत्साहन और स्वास्थ्य बीमा और सेवानिवृत्ति बचत पर राहत जैसी कटौती शामिल है। इसके अलावा करदाताओं की मांग है कि टैक्स-फ्री इनकम लिमिट बढ़ाई जाए और ₹7 से ₹10 लाख की आय सीमा वाले वर्ग को अतिरिक्त राहत मिले।

इसके साथ ही स्टैंडर्ड डिडक्शन को भी बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है। बुजुर्ग करदाताओं को उम्मीद है कि पेंशन और फिक्स्ड डिपॉजिट से होने वाली आय पर ज्यादा छूट मिलेगी। साथ ही मेडिकल खर्च और हेल्थ इंश्योरेंस पर टैक्स डिडक्शन की सीमा बढ़ाने की भी मांग है। करदाताओं की मांग है कि हेल्थ इंश्योरेंस (80D) और एजुकेशन पर मिलने वाली छूट बढ़ाई जाए। बढ़ते मेडिकल और शिक्षा खर्च को देखते हुए यह बड़ी राहत साबित हो सकती है।

घर खरीदारों को ऐसे पहुंचेगा फायदा

रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े लोग किफायती आवास की परिभाषा में संशोधन के लिए ज़ोरदार दबाव बना रहे हैं, जो शहरी क्षेत्रों में ज़मीन और निर्माण लागत में वृद्धि के बावजूद कई वर्षों से ₹45 लाख तक सीमित है। डेवलपर्स का कहना है कि यह सीमा अब बाज़ार की वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित नहीं करती है, खासकर टियर-1 और उच्च विकास वाले टियर-2 शामिल है। उद्योग जगत के कुछ प्रमुख लोग गृह खरीदारों के लिए विस्तारित या बेहतर कर लाभों की भी मांग कर रहे हैं – जिसमें निर्माणाधीन संपत्तियों पर जीएसटी दरों का युक्तिकरण और गृह ऋण ब्याज कटौती में सुधार शामिल है।

 

 

 

Avatar of Anurag Tripathi

Anurag Tripathi

अनुराग त्रिपाठी को पत्रकारिता का 2 साल से अधिक का अनुभव है। उन्होंने महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से अपनी पत्रकारिता की डिग्री प्राप्त की है। वह बिजनेस, यूटिलिटी, पॉलिटिक्स विषयों पर लिखने में रूचि रखते है। वर्तमान में वह डीएनपी इंडिया के साथ कार्यरत है।
For Feedback - feedback@dnpnewsnetwork.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

Punjab News

मार्च 29, 2026

Punjab News

मार्च 29, 2026

Rashifal 30 March 2026

मार्च 29, 2026

Punjab News

मार्च 29, 2026

Tamil Nadu Assembly Elections 2026

मार्च 29, 2026

Rain Alert 30 March 2026

मार्च 29, 2026