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Ganga Expressway का नजारा देख चौंधिया जाएंगी आंखें, संचालन पर आया लेटेस्ट अपडेट; इन शहरों के लिए साबित होगा गेमचेंजर

Ganga Expressway

फाइल फोटो

Ganga Expressway: देश के सबसे चर्चित एक्सप्रेसवे में से एक जो मेरठ से प्रयागराज के बीच बनाई गई है। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से मेरठ से प्रयागराज की दूरी केवल 6-7 घंटे की रह जाएगी। बता दें कि अभी मेरठ से प्रयागराज जाने में करीब 10 से 12 घंटे का समय लगता है। बता दें कि गंगाएक्सप्रेसवे पूरी तरह से बनकर तैयार है और माना जा रहा है कि फरवरी के अंत में या मार्च के शुरूआत में इस एक्सप्रसवे की शुरूआत हो सकती है। हालांकि अधिकारिक तौर पर तारीख की पुष्टि नहीं की गई है। इसी बीच इस एक्स्प्रेसवे का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे इंस्टाग्राम से शेयर किया गया है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़े सभी जरूरी अपडेट।

Ganga Expressway का वीडियो देख झूम उठेंगे यूपीवासी

दरअसल इस वीडियो को prayagraj_yatraa नाम के एक्स हैंडल से शेयर किया गया है। जहां पर ड्रोन की मदद से पूरे एक्सप्रेसवे को दिखाया गया है। ऊपर से देखने में यह एक्सप्रेसवे किसी अजूबा से कम नहीं लगता है। बड़े-बड़े रोड़ एक दूसरे से कनेक्ट हो रहा है। इसके अलावा अगल-बगल पूरी तरह से हरियाली छाई है। यहा कहना गलत नहीं होगा कि ये एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में से एक है।

 

सबसे खास बात है कि मात्र 6-7 से घंटे में मेरठ से प्रयागराज की दूरी पूरी हो सकेगी। बता दें गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की एक ग्रीनफ़ील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना है, जिसका उद्देश्य राज्य के पश्चिम से पूर्व तक तेज़, सुरक्षित और आधुनिक सड़क नेटवर्क बनाकर यातायात, व्यापार और पर्यटन में क्रांतिकारी बदलाव लाना है। यह एक्सप्रेसवे यमुनानगर एक्सप्रेसवे, पुरवांचल एक्सप्रेसवे और अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़कर उत्तर भारत का ट्रांसपोर्ट नेटवर्क और भी मजबूत बनाएगा। इसके अलावा यह एक्सप्रेसवे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कनेक्ट होगा।

इन शहरों के लिए साबित होगा गेमचेंजर

परियोजना का अधिकांश सड़क एवं संरचनात्मक काम पूरा या लगभग पूरा हो चुका है, और माना जा रहा है कि मार्च तक इस एक्सप्रेसवे का संचालन शुरू हो सकता है। गंगा एक्सप्रेसवे भविष्य की अर्थव्यवस्था को गति देने वाली धुरी है। सबसे खास बात है कि पश्चिमी यूपी से कनेक्टिविटी आसान हो जाएगा। इसके अलावा लोगों को ट्रैफिक और समय बचाएगा।

व्यापार, कृषि और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। रोजगार के नए अवसर खोलेगा। सामाजिक और सांस्कृतिक विकास में मदद करेगा। अगर इसके स्पीड की बात करें तो इस एक्सप्रेसवे पर 120 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से गाड़ियां दौड़ेगी। सबसे खास बात है कि किसानों को शहरी बाज़ारों में तेज़ पहुंच, जिससे उनकी पैदावार का मूल्य बेहतर मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में आसान परिवहन और रोजगार के अवसर उत्पन होंगे।

 

 

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