Ganga Expressway: देश के सबसे चर्चित एक्सप्रेसवे में से एक गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। दरअसल इस एक्सप्रेसवे का निर्माण मेरठ से प्रयागराज के बीच किया गया है। माना जा रहा है कि इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से मेरठ और प्रयागराज की दूरी केवल 7 से 8 घंटे की रह जाएगी। जिसमे पहले करीब 12 से 13 घंटे का समय लगता था। वहीं अब खबर सामने आ रही है कि Ganga Expressway और यमुना एक्सप्रेसवे को कनेक्ट करने के लिए एक 74 किलोमीटर लंब लिंक एक्सप्रेस का निर्माण किया जाएगा। जो नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को कनेक्ट करेगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहाकार अवनीश के अवस्थी ने दी है।
Ganga Expressway से कनेक्ट होगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट
देश के सबसे चर्चित एक्सप्रेसवे में से गंगा एक्सप्रेसवे, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कनेक्ट होगा, जो कई मायनों में एक गेमचेंजर साबित हो सकता है। यानि अगर कोई प्रयागराज में रहता है और उसकी फ्लाइट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से होगी, तो भी वहीं आसानी से एयरपोर्ट पहुंच सकेगा। अवनीश के अवस्थी द्वारा दी जानकारी के अनुसार
Connectivity around Noida International Airport is set to get another major boost!
Land acquisition has begun for the 74.3 km, 6-lane Ganga–Yamuna Link Expressway, connecting the Yamuna Expressway with the Ganga Expressway.
Once land acquisition is completed, construction… pic.twitter.com/1hCRO7TT46— Awanish K Awasthi (@AwasthiAwanishK) March 9, 2026
“नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास कनेक्टिविटी को एक और बड़ा बढ़ावा मिलने वाला है! यमुना एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले 74.3 किलोमीटर लंबे, 6-लेन गंगा-यमुना लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण शुरू हो गया है। भूमि अधिग्रहण पूरा होने के बाद, निर्माण के लिए निविदाएं जल्द ही जारी की जाएंगी, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और विकास में तेजी आएगी”।
गंगा एक्सप्रेसवे ऐसे साबित होगा गेमचेंजर
जानकारी के मुताबिक 594 किलोमीटर इस लंब एक्सप्रेसवे के शुरू होने से तेज़ और सीधी सड़क के कारण लॉजिस्टिक समय कम होगा। इससे माल और सेवाओं का सस्ता और तेज़ परिवहन संभव होगा, जिससे उद्योग और व्यापार दोनों को फायदा होगा। इसके अलावा पश्चिमी यूपी की कनेक्टिविटी और आसान हो जाएगी। माना जा रहा है कि एक्सप्रेसवे के पास नए शहर और टाउनशिप विकसित हो रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। इसके अलावा प्रयागराज, कानपुर और वाराणसी की भी पहुंच बेहद आसान हो जाएगी।
