Ganga Expressway के संचालन को लेकर सुगबुगाहट तेज, उद्घाटन से पहले कैसे बदल रहा मेरठ, उन्नाव, हरदोई जैसे कई शहरों का हुलिया, जानें सबकुछ

Ganga Expressway के उद्घाटन से पहले मेरठ, उन्नाव, हरदोई समेत कई शहरों का तेजी से बदल रहा स्वरूप। जानें रूट, सुविधाएं, यात्रा समय और इस एक्सप्रेसवे से मिलने वाले बड़े फायदे।

Ganga Expressway

फाइल फोटो

Ganga Expressway: देश के सबसे चर्चित और खूबसूरत एक्सप्रेसवे में से एक जो मेरठ को प्रयागराज को कनेक्ट करेगा। सबसे खास बात है कि Ganga Expressway पश्चिमी यूपी के लिए एक गेमचेंजर साबित होने जा रहा है। इसके उद्घाटन को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। मालूम हो कि यह एक्सप्रेसवे यूपी के कई शहरों से होकर गुजरेगा। मात्र 5-6 घंटे में मेरठ से प्रयागराज की दूसरी तय की जा सकेगी।

जबकि अभी 10-12 घंटे का समय लगता है। इसके अलावा एक्सप्रेसवे पर हर प्रकार की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।

Ganga Expressway के उद्घाटन से पहले इन शहरों का बदल रहा है हुलिया

जानकारी के मुताबिक देश के सबसे चर्चित Ganga Expressway का काम पूरा हो गया है और संचालन को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों में इसका उद्घाटन हो सकता है। हालांकि अधिकारिक तौर पर इसका ऐलान नहीं किया गया है। वहीं उद्घाटन से पहले ही भूखंड आवंटन शुरू हो गया है, जिससे निवेश और रोजगार के नए अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं।

मेरठ, उन्नाव, हरदोई , बदायूं व शाहजहांपुर में उभरते औद्योगिक हब यूपी की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दे रहे हैं। इसके अलावा लगातार निर्माण कार्य जारी है। जिससे यूपी विकास, निवेश और अवसरों का नया पावरहाउस बनने जा रहा है। वह अगर रूट की बात करें तो मेरठ, हापुड़, ज्योतिबा फुले नगर, संभल, शाहजहांपुर, बदायूं, फर्रूखाबाद, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज पहुंचेगी।

एक्सप्रेसवे पर मिलेंगी ये खास सुविधाएं

जानकारी के मुताबिक Ganga Expressway पर पूरे नौ सुविधाएं केंद्र बनाए गए है, जिसमे पेट्रोल/डीजल पंप, सीएनजी पंप, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग पॉइंट, फूड कोर्ट, कैफेटेरिया, मोटल, ट्रॉमा सेंटर, शौचालय और पार्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। सबसे खास बात है कि यह देश का पहला एक्सप्रेसवे है जिसमे ट्रॉमा सेंटर बनाया गया है।

यानि अगर किसी प्रकार की इमरजेंसी होती है, तो तुरंत घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा सके और उनकी जान बचाई जा सके। बताते चले कि अधिकारियों ने इस सुविधा को उपलब्ध कराने के लिए कई बड़े निजी अस्पतालों के साथ साझेदारी की है। ढाबों पर तुलनात्मक रूप से कम कीमतों पर भोजन उपलब्ध होगा।

 

 

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