Income Tax News: क्या है आयकर विभाग का फॉर्म 143, इन लोगों को भरना होगा अनिवार्य, उद्देश्य जान रह जाएंगे दंग

Income Tax News: 1 अप्रैल से इनकम टैक्स का नया कानून लागू हो चुका है। जिसने टैक्स से जुड़े सभी जानकारी और प्रक्रिया को आसान बना दिया है।

Income Tax News

फाइल फोटो

Income Tax News: 1 अप्रैल से इनकम टैक्स का नया कानून लागू हो चुका है। जिसने टैक्स से जुड़े सभी जानकारी और प्रक्रिया को आसान बना दिया है। सबसे खास बात है कि इससे लाखों करदाताओं को जबरदस्त फायदा होने की उम्मीद है और आईटीआर दाखिल करने की प्रक्रिया को सरल बना दिया गया है। इसी बीच आयकर विभाग ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर फॉर्म 143 को लेकर अहम जानकारी शेयर की है। चलिए आपको बताते है फॉर्म से जुड़े सभी अहम जानकारी

इन लोगों को फॉर्म भरना होगा अनिवार्य

विभाग द्वारा दी जानकारी के अनुसार फॉर्म नंबर 143 एक त्रैमासिक विवरण है जिसे आयकर अधिनियम, 2025 के विभिन्न प्रावधानों के तहत निर्दिष्ट वस्तुओं और लेन-देन जैसे स्क्रैप, तेंदू के पत्ते, शराब, वन उत्पाद, पार्किंग स्थल, टोल प्लाजा, खनन और उत्खनन, विदेशी प्रेषण, विदेशी पर्यटन पैकेज, माल की बिक्री आदि पर स्रोत पर एकत्रित कर (टीसीएस) की रिपोर्ट करने के लिए संग्राहकों द्वारा दाखिल किया जाता है। दरअसल उपर्युक्त निर्दिष्ट लेन-देनों पर स्रोत पर कर वसूलने के लिए जिम्मेदार प्रत्येक संग्राहक को ये फॉर्म भरना अनिवार्य होगा।

आयकर विभाग के तहत फॉर्म 143 के फायदें

अगर इस फॉर्म के फायदें की बात करें तो अप्रचलित और अनावश्यक कॉलम हटाकर संग्राहकों की सुविधा बढ़ाई गई है। स्मार्ट फॉर्म के माध्यम से प्रक्रिया में स्पष्टता लाई गई है, जिससे त्रुटियां और विसंगतियां कम होती हैं और प्रसंस्करण में तेजी आती है। सरल भाषा में लिखे गए कम किए गए फ़ील्ड के माध्यम से संग्राहकों की सुविधा बढ़ाई गई है। स्वचालित रूप से भरे जाने वाले फ़ील्ड और ड्रॉप डाउन से गलतियां कम होंगी और अनुपालन प्रक्रिया आसान हो जाएगी।

पहले टैक्स विवरण तीन अलग-अलग कॉलमों में दिया जाता था, लेकिन नए फॉर्म में इसे एक ही कॉलम में मिलाकर कुल एकत्रित कर का विवरण दिया गया है। यह सुविधा उपयोगकर्ता के लिए अनुपालन को आसान बनाएगी और समय एवं प्रयास की बचत करेगी।

फॉर्म संख्या 143 भरने के लिए कौन-कौन सी जानकारी आवश्यक है?

फॉर्म संख्या 143 भरने के लिए निम्नलिखित जानकारी आवश्यक है। लेन-देन का विवरण, प्राप्तकर्ताओं का विवरण, जिसमें पैन कार्ड भी शामिल है। चालान/बीआईएनएस का विवरण देना अनिवार्य होगा। आयकर नियम, 2026 के अनुसार, प्रपत्र संख्या 143 को भाग क और भाग ख में विभाजित किया गया है।

Exit mobile version