Income Tax News: 1 अप्रैल 2026 से इनकम टैक्स का नया कानून लागू हो चुका है। बता दें कि यह कानून लाखों करदाताओं के लिए एक गेमचेंजर साबित होगा। क्योंकि इसे काफी सरल बनाया गया है। मालूम हो कि पुराने इनकम टैक्स कानून में कई तरह के फॉर्म भरने होते थे। जिस वजह से करदाताओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
लेकिन अब कुछ चुनिंदा फॉर्म को ही जमा करना होगा और प्रक्रिया को काफी सरल बना दिया गया है। इसके अलावा भी कई नियमों में बदलाव किया गया है। वहीं अब आयकर विभाग ने अपने एक्स हैंडल पर दो फॉर्म की जानकारी दी है, जिसमे फॉर्म 95 और 96 शामिल है। बता दें कि पुराने फॉर्म 49एए को हटाया गया है।
क्या है आयकर विभाग का फॉर्म 95 और 96
बता दें कि आयकर विभाग ने पुरान फॉर्म 49एए को हटाया दिया गया है और उसकी जगह फॉर्म 95 और 96 रखा गया है। अगर फॉर्म 95 की बात करें तो इस फॉर्म के तहत भारत का नागरिक न होने वाले व्यक्ति द्वारा पैन आवंटन आवेदन पत्र दाखिल किया जाएगा। वहीं अगर फॉर्म – 96 की बात करें तो भारत के बाहर निगमित संस्थाओं द्वारा दाखिल किया गया पैन आवंटन आवेदन पत्र शामिल है।
बताते चले कि पहले पैन आवंटन आवेदन के लिए फॉर्म 49एए का उपयोग किया जाता था। लेकिन आयकर अधिनियम, 2025 के अनुसार, 1 अप्रैल से नए फॉर्म का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा भी कई तरह के फॉर्म और कानून में बदलाव किया गया है।
नए कानून से लाखों करदाताओं को ऐसे पहुंचेगा फायदा
टैक्स कानूनों को सरल बनाने के लिए सरकार की तरफ से इनकम टैक्स का नया कानून 1 अप्रैल 2026 से लागू कर दिया गया है।, बताते चले कि नया कानून अधिक व्यवस्थित हैं और उनमें केवल प्रासंगिक क्षेत्र ही शामिल हैं। नए फॉर्म में एक महत्वपूर्ण बदलाव आवासीय स्थिति का वर्गीकरण है, जिसे आवेदक की नागरिकता स्थिति को आसानी से वर्गीकृत करने के लिए जोड़ा गया है।
माना जा रहा है कि इससे लाखों करदाताओं को फायदा पहुंचने की उम्मीद है। बता दें कि पुराने कानून के तरह फॉर्म में गड़बड़ी के कारण पूरा का पूरा आईटीआर रिटर्न कैंसिल हो जाता था। जिसके कारण टैक्सपेयर्स का रिफंड रूक जाता था और उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
