Income Tax News: देशभर के करोड़ों टैक्सपेयर्स के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। दरअसल आयकर विभाग ने करदाताओं को अहम जानकारी दी है। दरअसल विभाग ने ITR-1 और ITR-4 फॉर्म भरने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया है। बता दें मई का महीना शुरू हो चुका और माना जा रहा है कि अन्य फॉर्म भी विभाग की तरफ से जल्द जारी कर दिया जाएगा,
ताकि करदाता आसानी से अपना रिटर्न भर सके। अगर आप भी इस बार ITR भरने जा रहे हैं, तो कुछ जरूरी नियमों और दस्तावेजों की जानकारी पहले से होना बेहद जरूरी है। छोटी सी गलती भी आपके रिफंड में देरी या नोटिस की वजह बन सकती है।
कौन भर सकता है आईटीआर फॉर्म – 1 – Income Tax News
बता दें कि आईटीआर फॉर्म – 1 को सहज फॉर्म भी कहा जाता है। बता दें कि बड़ी संख्या में करदाता यह फॉर्म भरते है। जिनकी कमाई सालाना 50 लाख तक या उससे कम है तो वह करदाता यह फॉर्म भर सकता है। चलिए आपको बताते है कि इस फॉर्म को कौन से करदाता भर सकते है।
- सैलरी पाने वाले कर्मचारी।
- पेंशनभोगी।
- एक घर से आय प्राप्त करने वाले लोग।
- ब्याज से आय कमाने वाले व्यक्ति।
हालांकि, अगर किसी व्यक्ति की विदेशी आय है या वह किसी कंपनी में डायरेक्टर है, तो वह ITR-1 नहीं भर सकता।
कौन भर सकता है आईटीआर फॉर्म – 4?
ITR-4 फॉर्म छोटे व्यापारियों और प्रोफेशनल्स के लिए बनाया गया है जो Presumptive Taxation Scheme के तहत टैक्स भरते हैं।
इस फॉर्म का इस्तेमाल ये लोग कर सकते हैं—
- छोटे दुकानदार।
- फ्रीलांसर।
- डॉक्टर, इंजीनियर, आर्किटेक्ट जैसे प्रोफेशनल्स।
- जिनकी कुल आय 50 लाख रुपये तक है।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- सही फॉर्म का चयन करें – गलत ITR फॉर्म चुनने पर आपका रिटर्न रिजेक्ट हो सकता है। इसलिए अपनी आय के अनुसार सही फॉर्म ही चुनें।
- बैंक अकाउंट जरूर वेरिफाई करें – अगर रिफंड पाना चाहते हैं, तो बैंक अकाउंट का प्री-वेरिफिकेशन जरूरी है।
- AIS और 26AS जरूर मिलाएं – अपनी आय और टीडीएस की जानकारी एआईएस और Form 26AS से जरूर मैच करें। इससे टैक्स नोटिस का खतरा कम होता है।
- आखिरी तारीख का इंतजार न करें – अंतिम समय में वेबसाइट पर लोड बढ़ने से दिक्कत आ सकती है। इसलिए समय रहते रिटर्न फाइल करना बेहतर रहेगा।
- ई-वेरिफिकेशन करना न भूलें – आईटीआर फाइल करने के बाद उसका ई-वेरिफिकेशन करना बेहद जरूरी होता है। बिना वेरिफिकेशन के आपका रिटर्न अधूरा माना जाता है।
