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India Russia Trade: क्या भारत ने रूस से तेल खरीदना कर दिया बंद! रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा, क्या पेट्रोल-डीजल रेट में होगा बड़ा उलटफेर

India Russia Trade

फाइल फोटो

India Russia Trade: अमेरिका लगातार यह दावा कर रहा है कि भारत जल्द ही रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा और वह अमेरिका से तेल खरीदेगा। हालांकि इस मामले पर भारत की तरफ से किसी  प्रकार की प्नतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसी बीच अब एक रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया है। मनी कंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी 2026 में रूस से होने वाले भारत के आयात में 40.5 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

मालूम हो कि भारत और रूस के द्विपक्षीय व्यापार में करीब 80 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले कच्चे तेल की होती है। वहीं अब खबर सामने आ रही है कि भारतीय रिफाइनरियों ने अब रूसी तेल की खरीद धीमी कर दी है। जिसके बाद कयासों का बाजार गर्म हो गया है कि क्या भारत रूस से तेल खीरदना बंद कर देगा और पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ जाएंगे। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।

क्या भारत रूस से तेल खरीदना कर देगा बंद? India Russia Trade

अमेरिका लगातार यह दावा कर रहा है कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा। हालांकि अभी तक भारत सरकार की तरफ से  किसी प्रकार की जानकारी सामने नहीं आई है। 2023 से 2025 के बीच भारत काफी मात्रा में रूस से क्रूड ऑयल मंगाता था। सबसे खास बात है कि यह इम्पोर्ट का 80 प्रतिशत होता था। साथ ही रूस की तरफ से तेल खरीद में भारी डिस्काउंट दिया गया। वहीं अगर आंकड़े की बात करें तो अप्रैल 2025 में भारत ने रूस स से 4.73 बिलियन डॉलर का तेल खरीदा।

वहीं, जनवरी के आंकड़े बताते हैं कि इस दौरान रूस का क्रूड इम्पोर्ट लगभग 2.3 बिलियन डॉलर रहा, जो काफी कम है। जिसके बाद कयासों का बाजार गर्म हो गया है कि क्या भारत रूस से तेल नहीं खरीदेगा? हालांकि अभी भी इस मामले में भारत सरकार की तरफ से बयान नहीं आया है। वहीं हाल ही में विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने इस मामले पर कहा कि भारत अपने हितों को ध्यान में रखकर जो फायदेमंद होगा वह करेगा, किसी के दवाब में नहीं आएगा। जिसका साफ इशारा अमेरिका को था।

क्या पेट्रोल डीजल के दामों में होगा बड़ा उलटफेर

रूसी तेल के खरीद के बाद अब कयासों का बाजार गर्म हो गया है कि क्या भारत में जल्द पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने वाले है, तो हम आपको बता दें कि यह महज एक कयास है, क्योंकि भारत सरकार ने साफ शब्दों में कह दिया था, जहां से उसे सस्ता तेल मिलेगा, वह वहीं से खरीदेगा। भारत अपने हितों की रक्षा करने के लिए जाना जाता है। मालूम हो कि भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में ट्रेड डील पर मुहर लगी थी, जहां अमेरिका ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ घटाकर केवल 18 प्रतिशत कर दिया था।

कई एक्सपर्ट का मानना है कि रूस से आयात में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे अमेरिका और भारत के बीच हुए व्यापार समझौते को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। लेकिन अभी खुले तौर पर केंद्र सरकार ने किसी प्रकार की पुष्टि नहीं की है। साथ ही रूसी सरकार ने भी साफ कहा कि भारत स्वतंत्र है, वह कहीं से भी तेल खरीद सकता है।

 

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