Indian Economy: दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था कब बनेगा भारत? एक्सपर्ट्स के खुलासे से दुनिया के कई देशों के बीच हड़कंप; समझे इसके मायने

Indian Economy: तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के बीच अब एक्सपर्ट्स ने खुलासा कर दिया है कि भारत तीसरीअर्थव्यवस्था कब बनने जा रहा है।

Indian Economy: भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में से एक है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार ने जीडीपी ग्रोथ 7 प्रतिशत से ऊपर रहने का अनुमान लगाया है। जिसके बाद कयासों का बाजार गर्म हो गया है कि क्या जल्द ही भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने जा रहा है। वहीं अब इसे लेकर एक्सपर्ट्स ने एक  ऐसा खुलासा किया है। जिसने कई देशों की चिंता बढ़ा दी है। गौरतलब है कि भारत का लक्ष्य 2030 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। चलिए आपको बताते है कि इसमे एक्सपर्ट्स की क्या राय है।

तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को लेकर क्या बोले एक्सपर्ट्स – Indian Economy

दरअसल इंडिया टुडे ग्रुप की तरफ से एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया था। बता दें कि इस सत्र में दिग्गज अर्थशास्त्री, सीईओ और केंद्रीय मंत्री, मौजूद रहे है और विश्लेषण किया की दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने के लिए भारत को और क्या करने की जरूरत है। दरअसल हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र की प्रोफेसर और प्रसिद्ध भारीतय-अमेरिकी अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने अर्थव्यवस्था को नया रूप देने वाली प्रगति को स्वीकार करते हुए चर्चा की शुरुआत की। इस मुद्दे पर उन्होंने कहा कि

“डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण बेहद प्रभावशाली रहा है. जीएसटी में जो किया गया, खासकर हालिया सरलीकरण, वह अर्थव्यवस्था के लिए बेहद मददगार है”। साथ ही उन्होंने बताया कि मोमेंट बनाए रखने के लिए “प्रति व्यक्ति आय बढ़ाना और 2047 के ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य तक पहुंचना ही असली चुनौती है। महंगाई भी लो सिंगल डिजिट में है. यह भारत के लिए अच्छी स्थिति है।”

विकास के रास्ते में प्रदूषण एक बड़ी समस्या है

बता दें कि गोपीनाथ ने विकास के रास्तों में प्रदूषण को एक बहुत बड़ा रोड़ा माना है। उनका बताया कि हर साल करीब 17 लाख लोग प्रदूषण से अपनी जान गवां देते है। उन्होंने कहा कि “यह न केवल आर्थिक बोझ है, बल्कि वैश्विक निवेशकों को भी हतोत्साहित करता है”। इसके अलावा भारती एंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने कहा कि “भारत पहले से ही बहुत अच्छी स्थिति में है. हम तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेंगे ही, अगर आध्यात्मिक भाषा में कहूं तो यह किस्मत में लिखा है।”

हालांकि, उन्होंने बड़े पैमाने पर काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि हमें 25 से 30 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचना होगा। यानि यह कहना गलत नहीं होगा कि आने आने वाले सालों में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की कगार पर है। इसके साथ ही माना जा रहा है कि भारत में विदेशी निवेश और तेजी से आगे बढ़ सकता है।

 

 

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