Indian Exports: दुनिया में भारी उथल-पुथल देखने को मिला। व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुआ और कई देश खुलकर अपनी व्यथा कहते नजर आए। ये सबकुछ हुआ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ बम के कारण। हालांकि, बावजूद इसके भारतीय बाजार की रौनक बरकरार रही। प्रेसिडेंट ट्रंप की टैरिफ बम का भारतीय बाजार पर विशेष असर नहीं पड़ा। आंकड़ों की देखें तो भारत का निर्यात चीन के साथ अमेरिका से भी बढ़ा है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल के मुताबिक दिसंबर 2025 में माल निर्यात 1.86 फीसदी बढ़कर 37.8 अरब डॉलर से 38.51 अरब डॉलर हो गया है। ये विश्व में जारी उथल-पुथल के बीच भारतीय निर्यात में तगड़ी वृद्धि को दर्शाता है।
प्रेसिडेंट ट्रंप की टैरिफ के बावजूद Indian Exports में तगड़ी उछाल!
आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि जहां एक ओर अमेरिकी टैरिफ के कारण दुनिया में उथल-पुथल मची है। वहीं दूसरी ओर भारतीय बाजार में रौनक बरकरार है। भारत का माल निर्यात दिसंबर में 1.9 फीसदी बढ़कर 38.51 बिलियन डॉलर हो गया, जो एक साल पहले 37.8 बिलियन डॉलर था। आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में यह वृद्धि 2.44 फीसदी बढ़कर 330.29 बिलियन डॉलर हो गया, जो मुख्य रूप से चीन, अमेरिका और यूएई जैसे प्रमुख बाजारों में दोहरे अंकों की निर्यात वृद्धि से प्रेरित थी।
वाणिज्य विभाग की रिपोर्ट की मानें तो अप्रैल-दिसंबर 2025 में भारत का अमेरिका को निर्यात पिछले वर्ष की इसी अवधि के 60.03 अरब डॉलर से लगभग 10 फीसदी बढ़कर 65.88 अरब डॉलर हो गया। दिसंबर में मामूली गिरावट आई, लेकिन भारत का अमेरिका को निर्यात सकारात्मक बना हुआ है। ये दर्शाता है कि कैसे दुनिया में जारी उथल-पुथल के बावजूद भारतीय बाजार की रौनक बरकरार है।
वैश्विक बाजार में उथल-पुथल के बीच मजबूत हुई भारत की साख!
भारतीय निर्यात अमेरिका के अलावा चीन और यूएई जैसे देशों से भी बढ़ा है। आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल-दिसंबर 2025 में भारत का चीन को निर्यात 37 फीसदी बढ़कर 14.25 बिलियन डॉलर हो गया है। ये पिछले साल इसी अवधि में 10.42 बिलियन डॉलर था। दिसंबर माह की बात करें तो भारत का चीन को निर्यात 67.3 फीसदी बढ़कर 1.22 बिलियन डॉलर से 2.05 बिलियन डॉलर पहुंच गया है। ये दर्शाता है कि अमेरिकी टैरिफ के कारण वैश्विक बाजार में उथल-पुथल के बीच कैसे भारत की साख मजबूत हो रही है। जहां एक ओर दुनिया मंदी और आर्थिक संकट के दौर से गुजर रही है। वहीं भारतीय बाजार की रौनक बरकरार है। चीन और अमेरिका जैसे देशों से भारत का निर्यात बढ़ता इस दावे पर मुहर लगाता है।






