US-Israel-Iran-War के बीच क्या भारत में एलपीजी, सीएनजी का दामों में होने जा रहा है बड़ा उलटफेर; ईरान के हमले से इन देशों पर पड़ेगा असर; जानें सबकुछ

US-Israel-Iran-War: मीडिल ईस्ट में जारी युद्ध ने दुनिया के कई देशों की टेंशन बढ़ा दी है। स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है।

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फाइल फोटो

US-Israel-Iran-War: मीडिल ईस्ट में जारी युद्ध ने दुनिया के कई देशों की टेंशन बढ़ा दी है। स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। अमेरिका और इजरायल लगातार ईरान पर हमला कर रहे है, तो वहीं दूसरी तरफ ईरान भी जवाबी कार्रवाई कर रहा है। मालूम हो कि ईरान ने बीते दिन कतर के एलएनजी प्लांट पर  हमला कर दिया था, जिससे कई देशों में एनर्जी संकट पैदा हो गया है। बता दें कि भारत भी कतर से करीब 40 प्रतिशत एलएनजी गैस मंगवाता है, लेकिन हमले के बाद इसमे कमी आ सकती है, जो एक चिंता का विषय है। इसके अलावा अब प्रोडक्शन सामान्य होने में करीब 5 साल का समय लग सकता है। एक्सपर्ट का मानना है कि हमले के बाद एलीजी और सीएनजी गैस के दाम बढ़ सकते है। बता दें कि भारत में पहले ही एलपीजी गैसों के दामों में वृद्धि की गई है, जो आगे और बढ़ सकती है।

कतर के ऊर्जा राज्यमंत्री के खुलासे से कई देशों में हड़कंप – US-Israel-Iran-War 

एनडीटीवी वर्ल्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक कतर एनर्जी के सीईओ और ऊर्जा मामलों के राज्य मंत्री साद अल-काबी ने कहा कि ईरान द्वारा अपने खाड़ी पड़ोसी देशों पर किए गए हमलों ने कतर की तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) निर्यात क्षमता के लगभग 17 प्रतिशत को बाधित कर दिया है, जिससे अनुमानित 20 अरब डॉलर के वार्षिक राजस्व का नुकसान होगा।

उनहोंने कहा कि मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि कतर – कतर और यह क्षेत्र – इस तरह के हमले का शिकार होंगे, खासकर रमजान के महीने में एक मित्र मुस्लिम देश द्वारा, हम पर इस तरह से हमला किया जाएगा।” उन्होंने कहा कि हमलों से हुए नुकसान की भयावहता ने इस क्षेत्र को 10 से 20 साल पीछे धकेल दिया है। “और निश्चित रूप से, यह बहुत से लोगों के लिए रहने और अन्य सुविधाओं के लिए एक सुरक्षित ठिकाना है। और मुझे लगता है कि वह छवि हिल गई है।” माना जा रहा है ईरान के इस हमले से कतर का काफी नुकसान होने की उम्मीद है।

 क्या भारत में बढ़ेंगे सीएनजी, एलपीजी के दाम?

मीडिल ईस्ट में जारी युद्ध से केवल ईरान, इजरायल को ही नुकसान नहीं हो रहा है। इसमे भारत, चीन जैसे कई बड़े देश है। ईरान लगतार अपने खाड़ी देशों पर हमला कर रहा है और गैस प्लांटों को टारगेट कर रहा है। जिससे कई देशों में एनर्जी संकट गहरा गया है। इसम भारत भी शामिल है। जिसके बाद सवाल यह उठने लगा है कि क्या भारत में एलपीजी और सीएनजी के दाम बढ़ने वाला है?

सरकार की तरफ से पहले ही एलपीजी गैस सिलेंडर के काम ब़ढ़ा दिया गया है। वहीं अगर युद्ध के कारण प्राकृतिक गैस सप्लाई भी प्रभावित हो रही है, पाइप्ड गैस (PNG/CNG) पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है।  उछाल नहीं है। यानि अगर  युद्ध लंबा चला → CNG भी महंगी हो सकती है। तो भारत सरकार के लिए एक चिंता का विषय है क्योंकि भारत के कई जहाज अभी भी समुंद्र में फंसे है, जिसमे कच्चा तेल और कच्चे तेल है। वहीं अब देखना होगा कि पीएम मोदी और उनकी सरकार इसे कैसे सुलझाती है।

 

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