एच-1बी वीजा विवाद के बीच Marco Rubio से मिले विदेश मंत्री एस जयशंकर; इन मुद्दों पर हुई महत्वूर्ण चर्चा, कया भारत को मिलेगी पॉजिटिव न्यूज? जानें सबकुछ

Marco Rubio

Marco Rubio, S Jaishankar - फाइल फोटो

Marco Rubio: अमेरिका ने पहले भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया और फिर एच- 1 बी वीजा पर भारी भरखम शुल्क लगा दिया है। माना जा रहा है कि इससे सबसे ज्यादा नुकसान भारतीयों को होने वाला है, क्योंकि 70 प्रतिशत भारतीय इसके लिए अप्लाई करते है। इसी बीच भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो के बीच मुलाकात हुई है, और कई अहम मुद्दों पर चर्चा भी हुई। वहीं दोनों ने अपने एक्स हैंडल पर ट्वीट कर अहम जानकारी दी। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या भारत को इस मुलाकात के बाद कोई पॉजिटिव न्यूज मिल सकती है।

एच-1बी वीजा विवाद के बीच Marco Rubio से मिले विदेश मंत्री एस जयशंकर

जानकारी के मुताबिक एस जयशंकर और मार्को रूबियो के बीच सोमवार को न्यूयॉर्क में एक अशांत साझेदारी को स्थिर करने की कोशिश की गई। सबसे खास बात है कि यह मुलाकात एच-1बी वीजा पर 1 लाख डॉलर बढ़ाने के बाद हुई है। वहीं दोनों नेताओं ने गर्म जोशी से एक दूसरे का स्वागत किया और बढ़ती आर्थिक चुनौतियों के बावजूद दोनों सरकारें निरंतर संदेश देने के लिए उत्सुक हुई। साथ ही दोनों ने मीटिंग के बाद अपने एक्स हैंडल पर ट्वीट की है। हालांकि अब देखने होगा कि आने वाले समय में दोनों देशों के रिश्तें पर क्या प्रभाव पड़ने वाला है।

मार्को रूबियो ने ट्वीट कर दी अहम जानकारी

बता दें कि मार्को रूबियो ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि

“संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारतीय विदेश मंत्री Dr S Jaishankar से मुलाकात की। हमने भारत और अमेरिका के लिए समृद्धि लाने हेतु व्यापार, ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, महत्वपूर्ण खनिजों और अन्य सहित अपने द्विपक्षीय संबंधों के प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा की”।

डॉ एस जयशंकर ने भी ट्वीट कर अमेरिकी विदेश मंत्री का जताया आभार

मुलाकात के बाद भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि “आज सुबह न्यूयॉर्क में SecRubio से मिलकर खुशी हुई।

हमारी बातचीत में वर्तमान चिंता के कई द्विपक्षीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई। प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में प्रगति के लिए निरंतर सहयोग के महत्व पर सहमति हुई। हम संपर्क में बने रहेंगे”। बता दें कि इससे पहले दोनों देशों के बीच ट्रे़ड डील पर भी बैठक हुई थी।

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