Budget 2026: जिसका इंतजार सभी देशवासियों को था वो घड़ी आ गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश के समक्ष बजट 2026 पेश कर दिया है। सत्ता पक्ष से जुड़े लोग इसे विकसित भारत का बजट बता रहे हैं। वहीं विपक्ष इस बजट को सामान्य बताकर इसकी आलोचना कर रहा है। इन सबके बीच आम आदमी की प्रतिक्रिया क्या है इस पर सबकी निगाहें हैं।
ऐसे लोग जो राजनीति से प्रेरित नहीं हैं वे बजट 2026 पर क्या प्रतिक्रिया दे रहे हैं ये देखना खास है। आम लोगों के मुताबिक सरकार ने बजट के माध्यम से उन्हें तोहफा दिया है या निराशा हाथ लगी है। ऐसे में आइए हम आपको आम लोगों की प्रतिक्रिया बताते हैं, ताकि सबकुछ आसानी से समझा जा सके।
संसद में पेश हुए Budget 2026 पर आम लोगों की राय!
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रियाओं की भरमार है। भारी संख्या में एक्स यूजर्स बजट 2026 पर अपनी राय दे रहे हैं।
The #Budget2026Expectations presented today is very well presented. The budget has been simplified on all parameters, the most important of which is the income tax, which is very important for the people. It’s good for those who pay taxes, but it’s bad for those who don’t.
— Akshay S.Deshpande🕊️ (@OfficialAkshay7) February 1, 2026
अक्षय देशपांडे नामक यूजर लिखते हैं कि “आज बजट बहुत ही बढ़िया ढंग से प्रस्तुत किया गया है। बजट को सभी मापदंडों पर सरल बनाया गया है, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण आयकर है, जो जनता के लिए बेहद अहम है। यह करदाताओं के लिए अच्छा है, लेकिन जो कर नहीं देते उनके लिए बुरा है।”
First view – The budget announced disappoints the #smartphone industry along with other consumer electronics products makers who haven’t got any fiscal intervention expected to help them offset the present volatility in the supply chain affecting pricing predictability. The… pic.twitter.com/tImiCMc2iV
— Mohammad Faisal Ali Kawoosa (@fainalysis) February 1, 2026
मोहम्मद फैजल अली लिखते हैं कि “बजट से स्मार्टफोन उद्योग के साथ-साथ अन्य उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद निर्माताओं को भी निराशा हुई है। क्योंकि आपूर्ति श्रृंखला में मौजूदा अस्थिरता से निपटने के लिए अपेक्षित वित्तीय सहायता का कोई प्रावधान नहीं है, जिससे कीमतों की भविष्यवाणी करना मुश्किल हो रहा है। अब बाजार में गिरावट अपरिहार्य है।”
🚨 Budget 2026 — The BIG
NEGATIVES (No Spin)• Middle class ignored again — no real tax relief
• Inflation pain unaddressed — prices keep biting
• Job creation talk, weak execution on ground
• MSMEs still struggling under compliance & credit stress
• Rural distress brushed…— Indian Century (@IndianCentury_) February 1, 2026
इंडियन सेंचुरी नामक एक्स हैंडल से लिखा गया है कि “मध्यम वर्ग की फिर से अनदेखी – कोई वास्तविक कर राहत नहीं। मुद्रास्फीति की मार अनसुलझी – कीमतें बढ़ती जा रही हैं। रोजगार सृजन की बातें, लेकिन जमीनी हकीकत में कमजोर। लघु एवं मध्यम उद्यम अभी अनुपालन और ऋण संकट से जूझ रहे हैं। पूंजीगत व्यय की सुर्खियां, लेकिन समयसीमा अभी भी अनिश्चित। यह बजट कागज पर तो मजबूत दिखता है, लेकिन आम लोगों पर इसका असर कमजोर है।”
First reaction on Union Budget 2026 – 27.
The Budget reflects a disciplined and calibrated approach.
The focus on long term growth stability and policy continuity stands out.
Markets will now look beyond announcements and track execution over time.— Feroze Azeez 🇮🇳 (@feroze_azeez) February 1, 2026
फिरोज अजीज़ लिखते हैं कि “बजट एक अनुशासित और सुनियोजित दृष्टिकोण को दर्शाता है। दीर्घकालिक विकास स्थिरता और नीतिगत निरंतरता पर विशेष ध्यान दिया गया है। बाजार अब घोषणाओं से आगे बढ़कर समय के साथ होने वाले क्रियान्वयन पर नजर रखेंगे।”
Totally unimaginative #budget. Nothing for defence nothing for agriculture. Needless increase In securities tax. Markets tanking continuously. Big 👎👎 #BudgetSession2026
— Shivam Bhagat (@shivambhagat33) February 1, 2026
शिवम भगत लिखते हैं कि “बिलकुल कल्पनाहीन बजट। रक्षा और कृषि के लिए कुछ नहीं। प्रतिभूति कर में अनावश्यक वृद्धि। शेयर बाजार लगातार गिर रहे हैं।”
बजट में क्या कुछ है खास?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश कर देश की जनता के लिए कई अहम ऐलान किया है। नए बजट में कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का ऐलान हुआ है। इससे इतर नए फ्रेट लिंक और 20 राष्ट्रीय जलमार्गों का प्रस्ताव भी है। उद्योग को गति देने के लिए सेमीकंडक्टर और अन्य अहम खनिजों की प्रोसेसिंग में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं पर आयात छूट दी गई है।
लिथियम आयन बैटरी बनाने में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं पर सीमा शुल्क में छूट का ऐलान हुआ है, ताकि बैटरी सस्ती हो। इसके अलावा पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन और प्रकृति-आधारित यात्रा पर भी जोर दिया गया है। साथ ही कैंसर और अन्य गंभीर रोगों की दवाओं पर कस्टम ड्यूटी कम कर विदेशी टूर पैकेज पर TCS 2 फीसदी घटाया गया है। इससे इतर भी कई अन्य प्रमुख ऐलान हुए हैं जिसका सीधा असर देश की आम जनता पर पड़ेगा।




