PM Kisan Yojana: केंद्र सरकार की तरफ से अन्नदाताओं के लिए कई प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही है। जिससे करोड़ों किसानों को फायदा पहुंच रहा है। उसी में से एक है PM Kisan Yojana, इस योजना के तहत किसानों को साल में 6000 रूपये की धनराशि दी जाती है। हालांकि यह 3 चरणों में 4-4 महीने के अंतराल पर दी जाती है।
मालूम हो कि अभी तक इस योजना की 22वीं किस्त जारी कर दी गई है। वहीं अब अन्नदाता 23वीं किस्त का इंतजार कर रहे है। हालांकि उससे पहले लाभार्थियों को कुछ बातों का ध्यान रखना होगा, नहीं तो उनको धनराशि मिलने में दिक्कतें आ सकती है या फिर हो सकता है कि उनके खाते में 2000 रूपये क्रेडिट ना हो। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
इन तीन कारणों से रूक सकता है PM Kisan Yojana पैसा
अगर PM Kisan Yojana की बात करें तो अन्नदाताओं को कुछ चीजों का विशेष ध्यान रखना होता है। –
तुरंत करवाएं ई-केवाईसी – अगर आपने अभी तक ई-केवाईसी नहीं करवाई है या फिर आपको याद नहीं है तो आपको तुरंत इसको करवा लेना चाहिए। अगर ई-केवाईसी नहीं होती है तो हो सकता है कि 2000 रूपये की धनराशि अन्नदाता के खाते में ना पहुंचे। दरअसल आपको अपना आधार से मोबाइल नंबर और अकाउंट लिंक करवाना होता है। इसी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए ई-केवाईवसी कराई जाती है। इस प्रक्रिया को बैंक में या फिर किसी भी ग्राहक केंद्र पर करवा सकते है।
लैंड वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य – अगर आप PM Kisan Yojana के पात्र है और आपने अभी तक लैंड वेरिफिकेशन नहीं करवाया है तो आपको ये काम तुरंत करवा लेना चाहिए, ताकि जब इसकी जांच की जाए तो पता चल सके कि आपका खेत उपजाऊ है और उसपर खेती होती है। इस प्रक्रिया को भी पूरी नहीं करने पर कई बार इस योजना का पैसा रूक जाता है।
डीबीटी जरूर चेक कर लें – बता दें कि PM Kisan Yojana के तहत सरकार की तरफ से किसानों के खाते में डीबीटी यानि डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर किया जाता है। हालांकि कई बार बैंक की तरफ से इस प्रक्रिया को पूरा नहीं किया जाता है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में किसानों के खाते में योजना की राशि नहीं आती है।
कब मिलेगा PM Kisan Yojana की 23वीं किस्त?
बता दें कि पीएम मोदी ने पिछले महीने ही 12 मार्च 2026 को इस योजना की 22वीं किस्त जारी की थी। बता दें कि 3 किश्तों में किसान के खातों में इस योजना की धनराशि भेजी जाती है। माना जा रहा है कि 23वीं किस्त मई या जून में जारी की जा सकती है। हालांकि अधिकारिक तौर पर इसे लेकर किसी प्रकार की घोषणा नहीं की गई है।
बता दें कि इस योजना के तहत करोड़ों किसानों को फायदा पहुंच रहा है। कई बार फसलों को नुकसान होने के कारण किसानों का पैसा डूब जाता है। यही कारण है कि केंद्र सरकार की तरफ से इस योजना की शुरूआत की गई है।
