US-Israel-Iran War: कच्चे तेल में जबरदस्त उछाल के बीच भारतीय शेयर मार्केट में आया भूचाल, सेंसेक्स 1800 प्वाइंट नीचे, तो निफ्ती 500 प्वाइंट नीचे; जानें सबकुछ

US-Israel-Iran War: मीडिल ईस्ट में जारी युद्ध दो हफ्तों से ज्यादा हो चुका है। जिससे भारत समेत कई देशों की चिंता बढ़ गई है।

US-Israel-Iran War

फाइल फोटो

US-Israel-Iran War: मीडिल ईस्ट में जारी युद्ध दो हफ्तों से ज्यादा हो चुका है। स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई। भारत समेत कई देशों की चिंता बढ़ गई है। बता दें कि कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। वहीं भारत में भी इसके असर दिखना शुरू हो गया है। एलपीजी पर पहले से ही संकट था ही, वहीं अब शेयर मार्केट में भी जबरदस्त गिरावट देखने को मिली है। सबसे खास बात है कि शेयर मार्केट में गिरावट से निवेशकों के 8 लाख करोड़ डूब चुके है। माना जा रहा है कि मीडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण ही भारत भी लपेटे में आ गया है। यह तो साफ है कि अगर युद्ध आगे बढ़ता है तो भारत पर भी इसका जोरदार असर देखने को मिल सकता है?

भारतीय शेयर मार्केट में जबरदस्त गिरावट से आया भूचाल

खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स में प्वाइंट की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं आज सुबह जैसे ही शेयर मार्केट खुला मात्र 5 मिनट में निवेशकों के 8 लाख करोड़ रूपये डूब गए। माना जा रहा है कि ये पूरा हिसाब-किताब मीडिल ईस्ट में जारी युद्ध से जुड़ी हुआ है। यहां कि निफ्टी में भी अच्छी खासी गिरावट दर्ज की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। ईरान में ऊर्जा अवसंरचना पर नए हमलों और इसके जवाब में इस्लामी गणराज्य द्वारा खाड़ी क्षेत्र में प्रमुख सुविधाओं को लेकर बढ़ते खतरों के कारण आपूर्ति में व्यवधान की आशंकाओं के मद्देनजर गुरुवार को वैश्विक तेल की कीमतों में उछाल आया और शेयर बाजारों में कमजोरी देखी गई।

प्राकृतिक गैस की कीमतों में 5% से अधिक की वृद्धि हुई, जबकि ब्रेंट क्रूड शुरुआती कारोबार में 111.19 डॉलर तक पहुंच गया और आज सुबह इसमें 4% की और वृद्धि हुई, जिससे यह लगभग 112 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जो युद्ध के दौरान के शुरुआती उच्चतम स्तर 120 डॉलर के करीब पहुंच गया। ईटी के अनुसार, अमेरिकी प्राकृतिक गैस की कीमतों में भी रात भर में लगभग 5% की वृद्धि हुई।

US-Israel-Iran War क्या भारत के लिए खतरे की घंटी?

गौरतलब है कि इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच लगातार युद्ध जारी है। आलम यह है कि एलपीजी का संकट लगातार गहराया हुआ है। वहीं अब कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। साथ ही नेचुरल गैस के दामों में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है। यानि यह साफ है कि कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा होता है तो पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी हो सकती है। पहले ही एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी की जा चुकी है।

वहीं अगर यह युद्ध कुछ हफ्ते या महीने चलता है, तो भारत में कई चीजों पर इसका असर देखने को मिल सकता है। जो मोदी सरकार की टेंशन बढ़ाने के लिए काफी है। वहीं अब देखना दिलचस्प होगा कि मोदी सरकार इस संकट से कैसे निकलती है?

 

 

 

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