‘चुनाव आयोग को…’ सीजेपी की एंट्री से मचा हड़कंप, Abhijeet Dipke का मुख्य चुनाव आयुक्त को अल्टीमेटम, समझे इसके मायने

Abhijeet Dipke: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। इसी बीच सीजेपी प्रमुख के एंट्री से बवाल मच गया है।

Abhijeet Dipke

फाइल फोटो

Abhijeet Dipke: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। विपक्ष भी लगातार हमलावर नजर आ रहा है। दरअसल द इंडियन एक्सप्रेस ने अपने एक रिपोर्ट में दावा किया था कि चुनाव आयुक्तों ने चुनाव आयोग द्वारा लिए जा रहे फैसले पर आपत्ति जताई थी। जिसके बाद सियासी घमासान शुरू हो चुका है।

वहीं अब इस पूरे प्रकरण में सीजेपी यानि कॉकरोच जनता पार्टी की एंट्री हो चुकी है, जिसके बाद कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है कि क्या आने वाले दिनों में एक और बड़ी आंदोलन देखने को मिल सकता है? और अगर ऐसा होता है तो क्या एक बार फिर केंद्र की सत्ता में भूचाल आ सकता है? आईए समझते है इसके मायने।

सीजेपी की एंट्री से मचा हड़कंप

द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक आयुक्तों ने चुनाव आयोग द्वारा लिए जा रहे फैसले पर आपत्ति जताई थी। यह पिछले 10 महीने में कई बार हुआ है। जिसके बाद से ही सियासी घमासान मच गया है। सबसे बड़ी बात है कि कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी ) समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी पार्टियों ने इसका विरोध किया है।

मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ-साथ सरकार पर भी लगातार सवाल खडे़ हो रहे है। इसके अलावा चुनावी प्रक्रिया पर भी सवाल उठने शुरू हो गए है। गौरतलब है कि कुछ महीने बाद ही उत्तर  प्रदेश, पंजाब जैसे महत्वपूर्ण शहरों में विधानसभा चुनाव होने है। जिसके बाद से ही कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है।

Abhijeet Dipke का चुनाव आयुक्त को अल्टीमेटम

इस घटना के बाद से ही Abhijeet Dipke चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर हमलावर नजर आ रहे है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि “चुनाव आयोग को ठीक करो! कल दिल्ली में ज़रूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस है।ज्ञानेश, काम हो गया भाई। ज्ञानेश कुमार भारत के दुश्मन हैं। खबरों के मुताबिक, वोटर लिस्ट से 12 करोड़ से ज़्यादा नाम हटा दिए गए हैं।

यह 2024 के लोकसभा चुनाव के समय रजिस्टर्ड 97 करोड़ वोटरों का लगभग 12.4% है। बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA और विपक्ष के बीच का अंतर सिर्फ़ 2% था। ज्ञानेश कुमार चुनाव करवा नहीं रहे हैं, बल्कि वे चुनाव की पटकथा लिख ​​रहे हैं”।

 

 

 

Exit mobile version