Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजे के आने के बाद से ही दीदी की टेंशन खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ चुनावी में करारी हार, तो दूसरी तरफ कई विधायकों और सांसदों ने टीएमसी का साथ छोड़ दिया। वहीं अब चुनाव आयोग ने पार्टी के सिंबल और नाम को फ्रिज कर दिया है और नया नाम और चुनाव चिन्ह दे दिया गया है।
हालांकि इसे लेकर अब Mamata Banerjee ने चुनाव आयोग को खुली चुनौती दी है साथ ही इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। अब देखने दिलचस्प होगा कि सुप्रीम कोर्ट अपना क्या आदेश देता है?
चुनाव आयोग के खिलाफ ममता बनर्जी की हुंकार
बता दें कि बीते दिन चुनाव आयोग ने Mamata Banerjee और बागी गुट को चुनाव चिन्ह और नाम कर दिया है। अगर दीदी के चुनाव चिन्ह की बात करें तो आयोग ने ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिन्ह मिला है। तो वहीं बागी गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ सिंबल अलॉट किया गया है।
वहीं अब ममता बनर्जी की तरफ से इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। इसके विपक्ष ने भी इस प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए है। राहुल गांधी ने भी केंद्र सरकार को इस मामले पर खरी-खोटी सुनाई और वोट चोरी का भी गंभीर आरोप लगा दिया है।
चुनाव चिन्ह मिलने के बाद क्या बोली Mamata Banerjee
मीडिया से बात करते हुए Mamata Banerjee ने कहा कि “हम संविधान का अनादर नहीं करते। हम संवैधानिक पद का अनादर नहीं करते। लेकिन हमें लगता है कि आज हमारे लोकतांत्रिक इतिहास का एक काला दिन है।
Kolkata, West Bengal: Former Chief Minister Mamata Banerjee says, “…We don’t disrespect the constitution. We don’t disrespect the constitutional chair….But we feel today is a black day in our democratic history. What is happening in our country that is very unfortunate,… pic.twitter.com/tw844D7ZpC
— IANS (@ians_india) September 18, 2026
हमारे देश में जो हो रहा है, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण, असंवैधानिक, गैर-कानूनी, अलोकतांत्रिक और पूरी तरह से राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है, जिसका मकसद सिर्फ़ एक राजनीतिक पार्टी के अहंकार को संतुष्ट करना है। ये लोग कौन हैं? उन्होंने कहा था कि न तो नाम रहने दूंगा और न ही कोई निशान रहने दूंगा”।
इसके अलावा 6 अक्टूबर को नंदीग्राम में होने वाले उपचुनाव को लेकर भी सियासत गरमा गई है। एक तरफ टीएमसी के उम्मीदवार ने अपना नाम वापस ले लिया है तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस उम्मीदवार को कोलकाता पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है। जिसके बाद बंगाल में सियासी पारा 7वें आसमान पर है।
