Suvendu Adhikari: उत्तराखंड, गुजरात, असम के बाद पश्चिम बंगाल की बीजेपी सरकार जल्द यूसीसी कानून लागू कर सकती है। मालूम हो कि धीरे-धीरे यूसीसी कानून को राज्यों में लागू किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक अगले हफ्ते से पश्चिम बंगाल में विधानसभा सत्र शुरू होने जा रहा है।
माना जा रहा है कि में मुख्यमंत्री Suvendhu Adhikari इस बिल को पेश कर सकते है। विधानसभा सत्र से पहले ही दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। जहां सत्तारूढ़ दल बिल को जनहित में बताया जा रहा है, वहीं विपक्ष इसे लेकर कई सवाल उठा रहा है।
यूसीसी बिल को लेकर क्या बोले Suvendhu Adhikari
मीडिया से बात करते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री Suvendhu Adhikari ने कहा कि “बंगाल में यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड लागू होगा। इसके लिए एक प्रक्रिया है जिसके बारे में हम विधानसभा में बताएंगे,
#WATCH | Kolkata, West Bengal: CM Suvendu Adhikari says, “The Uniform Civil Code will happen in Bengal. There is a procedure that we will tell you in the Assembly, a committee is formed under the leadership of the sitting inquiry. The way it happened in Gujarat, Uttarakhand and… pic.twitter.com/4rKwNIvGDL
— ANI (@ANI) June 26, 2026
मौजूदा जांच के तहत एक कमेटी बनाई गई है। जिस तरह से गुजरात, उत्तराखंड और असम में यह हुआ, उसी प्रक्रिया से यहां भी किया जाएगा।”
क्या है यूसीसी कानून?
यूसीसी यानि (समान नागिरक सहिंता), इस कानून के तहत भारत के सभी नागरिक, चाहे वह किसी भी धर्म के हो, उनके लिए एक सामान कानून होगा। जैसे – विवाह, तलाक, गोद लेना, संपत्ति का उत्तराधिकार, भरण-पोषण और उत्तराधिकार शामिल है। मालूम हो कि मुस्लिम धर्म में कई विवाह, तलाक के लिए किसी प्रकार की कोई विशेष प्रक्रिया नहीं है और ना ही कोई कानून है।
लेकिन इस कानून के लागू होने के बाद मुस्लिम धर्म के लोगों को भी यह कानून मानना होगा। मालूम हो कि अभी भारत में अलग-अलग धर्मों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानून लागू होते हैं। लेकिन यूसीसी के लागू होने के बाद स्थिति पूरी तरह से बदल जाएगी।
