UP News: आगरा विश्वविद्यालय में एडमिशन रैकेट का भंडाफोड़, डेढ़ लाख रुपये में बदलते थे MBBS और BAMS की आंसर कॉपी

UP News: आगरा विश्वविद्यालय में बड़े एडमिशन रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। ED ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

Agra University

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UP News: उत्तर प्रदेश के आगरा में स्थित डॉ. भीम राव अंबेडकर विश्वविद्यालय में बड़े एडमिशन रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार (21 जुलाई) देर शाम तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान डिजिटेक्स्ट टेक्नोलॉजीज के मालिक डेविड मारियो डेनिस, उनके सहयोगी राहुल पाराशर (छात्र नेता) और टेंपो चालक देवेंद्र सिंह के रूप में हुई है। डिजिटेक्स्ट टेक्नोलॉजीज वही कंपनी है जिसके पास विश्वविद्यालय में परीक्षा कराने का कॉन्ट्रैक्ट था।

पैसों के लिए बदलते थे आंसर कॉपी

ईडी के अधिकारियों ने बताया कि 12 जून, 2023 को डेनिस और उनकी कंपनी के कर्मचारियों के परिसरों पर छापेमारी की गई थी। जांच में पता चला की ये लोग पैसे कमाने के लिए बीएएमएस और एमबीबीएस छात्रों की उत्तर पुस्तिकाएं बदला करते थे।

ED ने जब्त किए कई दस्तावेज

ईडी के एक अधिकारी ने बताया, “जांच के दौरान, डिजिटेक्स्ट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ कई अन्य सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई उत्तर पुस्तिकाएं जब्त की गईं हैं। इसके आधार पर तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। “

ईडी के सूत्रों ने बताया कि गिरोह के सदस्यों ने प्रवेश की पूरी प्रक्रिया में छेड़छाड़ की और उम्मीदवारों से मोटी रकम ली। ईडी के अधिकारियों ने बताय, “हम अभी भी आगरा विश्वविद्यालय के अधिकारियों सहित अन्य की भूमिका की जांच कर रहे हैं।”

क्या है मामला ?

बता दें कि गिरफ्तार आरोपी डेविड मारियो ने अक्टूबर 2022 में छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के कुलपति विनय पाठक और उनके सहयोगी अजय मिश्रा पर उनकी कंपनी के बिलों के भुगतान के लिए 1.4 करोड़ रुपये की उगाही करने का आरोप लगाया था। इसके बाद मामला 9 जनवरी, 2023 को पहले एसटीएफ और बाद में सीबीआई को सौंप दिया गया था। तब से इस मामले में जांच चल रही है।

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