CM Yogi Adityanath ने विश्व पर्यावरण दिवस से पहले भेजा उत्तर प्रदेश के लोगों को खास पैगाम, वृक्ष और जल संरक्षण को लेकर जानें क्या कहा

CM Yogi Adityanath: विश्व पर्यावरण दिवस से पहले मुख्यमंत्री ने वृक्षों की रक्षा का संकल्प लेते हुए लोगों को संदेश देते हुए दिखे और बताया कि सुरक्षित पर्यावरण ही विकसित प्रदेश का आधार होता है। आइए जानते हैं पूरी डिटेल्स।

CM Yogi Adityanath

Photo Credit- Google CM Yogi Adityanath

CM Yogi Adityanath: विश्व पर्यावरण दिवस से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने वृक्ष को न सिर्फ प्राकृतिक संसाधन बताया बल्कि इसे स्वास्थ्य और लोक कल्याण का जीवंत प्रतीक बताया है। आइए जानते हैं सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस खास मौके पर लोगों को किस तरह से मोटिवेट करते हुए दिखे और अपनी बात कहते नजर आए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस पर हम सभी प्रकृति के संरक्षण जल स्रोतों के संवर्धन और वृक्षों की रक्षा का संकल्प ले सकते हैं।

सीएम योगी ने बताया क्या है विकसित प्रदेश का आधार

सीएम योगी आदित्यनाथ ने x प्लेटफार्म पर लिखा, “मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों, सनातन संस्कृति में वृक्षों, पहाड़ों, नदियों और प्राणियों की पूजा की परंपरा रही है। वेदों में प्रकृति की पूजा को साक्षात ईश्वर की उपासना माना गया है। हमारी संस्कृति में वृक्ष केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि देवत्व, जीवन, ज्ञान, स्वास्थ्य और लोककल्याण के जीवंत प्रतीक हैं। 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस का अवसर वार्षिक औपचारिकता न होकर प्रकृति के प्रति हमारी साझी कृतज्ञता का ज्ञापन होना चाहिए। आइए, विश्व पर्यावरण दिवस पर हम सभी प्रकृति के संरक्षण, जलस्रोतों के संवर्धन और वृक्षों की रक्षा का संकल्प लें। सुरक्षित, स्वच्छ और समृद्ध पर्यावरण ही विकसित प्रदेश का आधार है।”

सीएम योगी क्यों बोले वृक्ष केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं

इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “सनातन परंपरा में वर्णित तीन ऋणों देव ऋण, ऋषि ऋण और पितृ ऋण में देव ऋण का सीधा संबंध प्रकृति से है। जल, वन, भूमि और समस्त सृष्टि का संरक्षण ही इस ऋण से उऋण होने का मार्ग है। हमारी संस्कृति में वृक्ष केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि देवत्व, जीवन, ज्ञान, स्वास्थ्य और लोककल्याण के जीवंत प्रतीक हैं। कुछ दिन पूर्व ही लाखों माताओं और बहनों ने वट सावित्री व्रत रखा था। यह प्रकृति से हमारी संस्कृति के प्रगाढ़ संबंधों को दर्शाता है। छठ और महाकुम्भजैसे महापर्व इसी अमूर्त आस्था के प्रतीक हैं।”

वृक्ष, जल संरक्षण और नदियों के पुनर्जीवन का सीएम योगी ने बताया महत्त्व

सीएम योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि “आज वृक्ष, जल संरक्षण और नदियों के पुनर्जीवन का संकल्प पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। ‘जल है तो हम हैं’- यह केवल एक वाक्य नहीं, बल्कि जीवन का सार है। पारिस्थितिकी के प्रति हमारी संवेदनशीलता का ही प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश में शेखा झील पक्षी अभयारण्य को मिलाकर रामसर स्थलों की संख्या 12 हो गई है। प्रदेश सरकार की नदियों के पुनरुद्धार की ‘एक जनपद एक नदी योजना’ की सफलता दर्शाती है कि यदि समाज और शासन मिलकर प्रयास करें, तो प्रकृति को संरक्षित किया जा सकता है।”

CM Yogi Adityanath ने की ये खास अपील

सीएम योगी ने कहा कि “मैं प्रदेश के युवाओं से विशेष रूप से कहना चाहता हूं कि वे जल संरक्षण, स्वच्छता, छता, वृक्षारोपण और नदियों के संरक्षण का सशक्त आधार बनें। युवा ऊर्जा और सहभागिता ही हरित एवं समृद्ध उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी शक्ति है। प्यारे बच्चों, आपसे भी एक बात कहना चाहूंगा। हर वर्ष अपने जन्मदिन या किसी विशेष अवसर पर एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल करें। आइए, विश्व पर्यावरण दिवस पर हम सभी प्रकृति के संरक्षण, जलस्रोतों के संवर्धन और वृक्षों की रक्षा का संकल्प लें। सुरक्षित, स्वच्छ और समृद्ध पर्यावरण ही विकसित प्रदेश का आधार है।”

 

 

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