LPG Shortage: सरकारी सख्ती और एक्शन के बीच भी देश के कई हिस्सों से एलपीजी शॉर्टेज की खबरें आ ही रही हैं। ग्रामीण इलाकों से शहरों तक गैस एजेंसियों पर लोग लंबी कतार में खड़े अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। इसके बीच केन्द्र सरकार ने फिर सख्ती बढ़ाई है। दरअसल, केन्द्र की ओर से आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा-3 लागू कर दिया गया है।
इससे देश के आम नागरिकों को और राहत मिल सकेगी। अब सभी कंपनियों को सरकार के पेट्रोलियम योजना और विश्लेषण प्रकोष्ठ में ताजा डेटा साझा करना होगा। इस कदम से कालाबाजारी और जमाखोरी पर और नकेल कसी जा सकेगी। सरकार ने ये सख्ती आम लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए की है। इससे ऊर्जा के स्रोतों की पहुंच आसान हो सकेगी।
देश में LPG Shortage के बीच बढ़ी सरकार की सख्ती!
केन्द्र सरकार ने देशवासियों के हित में कदम उठाते हुए आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा-3 लागू कर दिया है। इसके तहत अब पेट्रोलियम उत्पादों और प्राकृतिक गैस के उत्पादन, प्रसंस्करण, शोधन, भंडारण, आयात-निर्यात, मार्केटिंग और उपभोग से जुड़ी सभी कंपनियों को सरकार के पेट्रोलियम योजना और विश्लेषण प्रकोष्ठ में ताजा डेटा साझा करना होगा।
सरकार के इस कदम से देश के आम नागरिकों को राहत मिल सकेगी। इससे एलपीजी सिलेंडर या ईंधन की कालाबाजारी या जमाखोरी पर और नकेल कसी जा सकेगी। साथ ही सरकार को हालिया स्थिति का सटीक अंदाजा होगा और आपात योजना बनाने में राहत मिल सकेगी। केन्द्र का ये कदम देश में खाद्य सुरक्षा को बनाए रखने में मददगार साबित होगा।
होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से प्रभावित हुआ आयात!
भारत के संदर्भ में बात करें तो हमारा देश अपनी जरूरत के कच्चे तेल का 88 फीसदी हिस्सा पश्चिम एशिया से आयात करता है। इतना ही नहीं, भारत प्राकृतिक गैस का 50 फीसदी और एलपीजी का 60 फीसदी आयात ही करता है। आयात के लिए भारत को होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग पर आश्रित रहना होता है। इसी के सहारे विभिन्न बंदरगाहों तक भारतीय जहाज़ पहुंचते हैं।
हालांकि, ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इसकी वजह है कि दर्जनों भारतीय जहाज़ अभी भी समुद्र में फंसे है। शिवालिख और नंदा देवी जहाजों से एलपीजी आई है। हालांकि, अभी भी कई जहाज़ फंसे हैं। भारत अब रूस, वेनेजुएला जैसे देशों से कच्चे तेल की खरीदारी कर रहा है। ये सारे कदम देश में ईंधन संकट के साथ एलपीजी क्राइसिस दूर करने के लिए उठाए जा रहे हैं।
