LPG Shortage: सूत्र पीछे छूट चुके हैं और सारी जानकारियां पुख्ता रूप से सामने आ रही हैं। यहां बात देश के विभिन्न हिस्सों में एलपीजी शॉर्टेज को लेकर मचे हाहाकार के संदर्भ में हो रही है। मुंबई से बेंगलुरु, पटना, लखनऊ, नोएडा समेत तमाम शहरों में गैस सिलेंडर लिए लोग कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं। इसी बीच आर्थिक राजधानी मुंबई में एलपीजी शॉर्टेज के कारण मिड-डे मील पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
मुंबई क्षेत्रीय कांग्रेस कमेटी ने सीएम देवेन्द्र फडणवीस को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग उठाई है। केन्द्र भी इस गंभीर संकट को लेकर एक्शन मोड में है और आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (ESMA) लागू कर दिया गया है। सवाल है कि क्या लोगों को इस कदम से फौरी तौर पर राहत मिलेगी? एसमा लागू करना फिलहाल की परिस्थितियों को किस हद तक नियंत्रित करेगा? आइए इन सवालों का जवाब ढूंढ़ते हैं।
मुंबई में LPG Shortage के कारण मिड-डे मील पर मंडराए संकट के बादल!
दरअसल, स्थानीय कांग्रेस कमेटी ने सीएम फडणवीस को पत्र लिखकर इस ओर ध्यान आकर्षित करने की बात कही है। मुंबई क्षेत्रीय कांग्रेस के सेक्रेटरी विजय कन्नौजिया ने देवेन्द्र फडणवीस के नाम पत्र लिखकर कहा है कि “यदि कार्रवाई नहीं की गई, तो मिड-डे मील की आपूर्ति बाधित हो सकती है। इससे लाखों बच्चे अपने भोजन के अधिकार से वंचित हो सकते हैं, जो भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का एक हिस्सा है।”
इस पत्र के माध्यम से व्यक्त की गई चिंता के कारण ही मिड-डे मील पर संकट के बादल मंडराने की बात कही जा रही है। हालांकि, राज्य सरकार अपने स्तर से लगातार एक्शन मोड में है। सरकार का ध्यान घरेलू आपूर्ति को सुरक्षित करने और आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देने पर केंद्रित है। इसी क्रम में होटल और कमर्शियल सेक्टर पर पाबंदी लगा दी गई है, ताकि आम लोगों तक एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई नहीं बाधित हो सके।
क्या ESMA लागू कर राहत दे रही सरकार?
वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए इस सवाल का जवाब फिलहाल हां कहा जाएगा। केन्द्र सरकार ने मौजूदा स्थिति को देखते हुए आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (ESMA) लागू कर दिया है। इसके तहत आवश्यक सेवाओं में लगे कर्मचारी हड़ताल नहीं कर सकेंगे और सप्लाई चेन बरकरार रहेगी। साथ ही एलपीजी उत्पादन पर जोर दिया जा सकेगा।
सरकार लगातार घरेलू गैस सिलेंडर की निर्बाध आपूर्ति के लिए प्रयासरत है। इसी क्रम में एसमा लागू कर रिफिल बुकिंग नियम में बदलाव, कॉमर्शियल सप्लाई में कटौती, घरेलू सप्लाई की प्राथमिकता पर जोर दिया जा रहा है। ये सारे कदम संकट से उबरने और देश में एलपीजी शॉर्टेज को लेकर मचे हाहाकार से निपटने के लिए उठाए गए हैं।






