Anurag Dhanda: मिडिल ईस्ट में छिड़े संग्राम के बीच पश्चिम एशिया में ईंधन का संकट गहरा रहा है। इसी बीच अमेरिका की ओर से भारत को रूसी कच्चा तेल खरीदने की अस्थायी छूट दी गई है। इसको लेकर भारत में संग्राम छिड़ा है। विपक्ष सरकार पर सवाल उठा रहा है।
अनुराग ढ़ांडा ने भी इसी क्रम में भारत को मिली अमेरिकी छूट का जिक्र कर मोदी सरकार पर सवाल उठाए हैं। बेबाकी से अपना पक्ष रखने वाले अनुराग ढ़ांडा ने पीएम मोदी का जिक्र करते हुए गंभीर सवाल पूछे हैं। उनकी इस प्रतिक्रिया के साथ भारत को रूस से कच्चे तेल की खरीदारी के लिए मिली छूट भी चर्चाओं में है।
कच्चे तेल की खरीदारी के लिए अमेरिकी छूट पर Anurag Dhanda के सवाल!
आप नेता अनुराग ढ़ांडा ने मुखरता के साथ रूस से कच्चे तेल की खरीदारी के लिए छूट का जिक्र कर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सीधे तौर पर पीएम मोदी को निशाने पर लिया है।
क्या अब अमेरिका की इजाज़त लेकर तेल ख़रीदेगा भारत?
क्या भारत की आज़ादी को प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका के हाथों बेच दिया है?
भारत के सबसे कमज़ोर और कायर प्रधानमंत्री साबित हो रहे हैं मोदी। https://t.co/uY76YRuq3D
— Anurag Dhanda (@anuragdhanda) March 6, 2026
अनुराग ढ़ांडा के आधिकारिक एक्स हैंडल से इस संदर्भ में तल्ख प्रतिक्रिया आई है। आप नेता लिखते हैं कि “क्या अब अमेरिका की इजाजत लेकर तेल खरीदेगा भारत? क्या भारत की आजादी को प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका के हाथों बेच दिया है? भारत के सबसे कमजोर और कायर प्रधानमंत्री साबित हो रहे हैं मोदी।” अनुराग ढ़ांडा की ये तल्ख प्रतिक्रिया खूब सुर्खियों में है।
मिडिल ईस्ट में हाहाकार के बीच गहराया ईंधन संकट!
गौरतलब है कि ईरान पर इजरायली-अमेरिकी हमले के बाद मिडिल ईस्ट से आयात होने वाले कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। आलम ये है कि जहां एक ओर मिडिल ईस्ट में युद्ध से हाहाकार मचा है। वहीं कई ऐसे देश हैं जो ईंधन संकट से जूझ रहे है। इसी बीच अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भारत को रूसी तेल खरीदने की छूट का ऐलान किया है। भारतीय रिफाइनरियों को रूसी तेल खरीदने की 30 दिनों की अस्थायी छूट दी गई है।
President Trump’s energy agenda has resulted in oil and gas production reaching the highest levels ever recorded.
To enable oil to keep flowing into the global market, the Treasury Department is issuing a temporary 30-day waiver to allow Indian refiners to purchase Russian oil.…
— Treasury Secretary Scott Bessent (@SecScottBessent) March 6, 2026
अमेरिकी वित्त मंत्री ने बताया है कि इससे रूस को आर्थिक लाभ नहीं होगा। अमेरिका के मुताबिक ये अस्थायी उपाय ईरान द्वारा वैश्विक ऊर्जा को बंधक बनाने के प्रयास से उत्पन्न दबाव को कम करेगा। हालांकि, इसको लेकर खूब सवाल उठ रहे हैं और केन्द्र सरकार विपक्ष के निशाने पर है। इसी क्रम में अनुराग ढ़ांडा द्वारा भी सवाल उठाए गए हैं।
