दिल्ली से गुजरात, हरियाणा, गोवा तक जनहित से जुड़े मुद्दे उठा रहे Anurag Dhanda! सरकारों को कटघरे में खड़ा कर दागे सवाल

आप नेता Anurag Dhanda मुखरता के साथ जनहित से जुड़े मुद्दे उठाते हैं। अनुराग ढ़ांडा को दिल्ली से हरियाणा, गोवा, गुजरात समेत अन्य राज्यों में जरूरतमंदों की आवाज बनते देखा जाता है।

Anurag Dhanda

Picture Credit: गूगल (अनुराग ढ़ांडा - सांकेतिक तस्वीर)

Anurag Dhanda: दिल्ली के साथ अब हरियाणा और गुजरात जैसे राज्यों में आम आदमी पार्टी मजबूती से विपक्ष की भूमिका निभा रही है। गुजरात में संपन्न हुए पंचायत चुनाव के दौरान इसकी झलक भी देखने को मिल चुकी है। हरियाणा और गोवा में भी आप के कई नेता जनहित से जुड़े मुद्दों को मुखरता से उठाते हैं।

अनुराग ढ़ांडा उनमें से एक हैं जो मुखर रहते हैं। अनुराग ढ़ांडा इन राज्यों के किसानों, महिलाओं, बुजुर्गों समेत सभी वर्गों की परेशानियों को पूरी ऊर्जा से उठाते हैं। इस दौरान वे जिम्मेदार सरकारों को कटघरे में खड़ा कर कई बार सवाल भी दागते हैं।

दिल्ली से गुजरात, हरियाणा, गोवा तक जनहित से जुड़े मुद्दे उठा रहे Anurag Dhanda!

राजधानी दिल्ली से लेकर गुजरात, हरियाणा और गोवा तक आप नेता मुखरता के साथ जनहित से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं। अनुराग ढ़ांडा इनमें अग्रणी पंक्ति में शामिल हैं। आप नेता को हर मौके पर मुखरता से अपना पक्ष रखते देखा जाता है। उन्होंने दिल्ली में महिलाओं को मिलने वाली मासिक अनुदान को लेकर भी सरकार को कटघरे में खड़ा किया था।

गुजरात में किसानों से जुड़े मसले पर भी अनुराग ढ़ांडा मुखर नजर आए थे। गोवा की बात करें तो यहां भी आम आदमी पार्टी मजबूती से अपना पक्ष रख रही है। अनुराग ढ़ांडा के गृह राज्य हरियाणा में भी जनहित से जुड़े मुद्दों को आवाज दी जाती है। इसमें उनकी अहम भूमिका होती है जिसको लेकर वे सुर्खियों में रहते हैं।

सरकारों को कटघरे में खड़ा कर दागे सवाल!

अनुराग ढ़ांडा ज्यादातर मौकों पर जनहित से जुड़े मुद्दों को आवाज देते हैं। उन्हें सरकारों को कटघरे में खड़ा करते देखा जाता है। पिछले दिनों दिल्ली में महिलाओं को मासिक अनुदान न मिलने पर अनुराग ढ़ांडा ने स्थानीय सरकार को कटघरे में खड़ा किया था। हरियाणा में उन्होंने किसानों को मुआवजा न मिलने पर सरकार पर सवाल उठाए थे।

गुजरात में सरकार पर आदिवासी हितों के लिए जारी होने वाले फंड का दुरुपयोग करने के आरोप अनुराग ढ़ांडा ने ही लगाए थे। इसको लेकर भी राज्य सरकार पर सवाल उठे। इससे इतर अन्य कई मौकों पर अनुराग ढ़ांडा का मुखर अंदाज देखा जाता है जो उनकी बेबाक शैली को प्रदर्शित करता है।

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