Anurag Dhanda: पश्चिम एशिया में छिड़ी हालिया संघर्ष के बीच भारत में पेट्रोल-डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती की गई है। सियासी गलियारों में केन्द्र सरकार के इस फैसले को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं भी हो रही हैं। सत्तारुढ़ गठबंधन के साथ विपक्ष अपने तर्क पेश कर सरकार से सवाल पूछ रहा है।
इसी बीच आप नेता अनुराग ढ़ांडा भी इस मसले पर मुखर नजर आए हैं। अनुराग ढ़ांडा ने ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी की कटौती का जिक्र करते हुए पेट्रोल-डीजल की हालिया कीमत के संदर्भ में सवाल उठाए हैं। आप नेता ने पूछा है कि एक्साइज ड्यूटी में कटौती के बाद पेट्रोल-डीजल के दाम कितने कम हुए हैं।
एक्साइज ड्यूटी की कटौती को लेकर Anurag Dhanda मुखर!
समाचार चैनल रिपब्लिक भारत पर लाइव डिबेट के दौरान अनुराग ढ़ांडा ने एक्साइज ड्यूटी की कटौती से जुड़ा मामला उठाया। केन्द्र द्वारा रखे गए तर्कों को सिरे से खारिज करते हुए अनुराग ढ़ांडा ने पेट्रोल-डीजल की हालिया रेट पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि एक्साइज ड्यूटी की कटौती के बाद ईंधन के दाम कितने कम हुए हैं।
सबको नसीहत देते फिर रहे हैं कि पैनिक मत करो, तेल की कोई समस्या नहीं है और खुद बीजेपी के प्रवक्ता पैट्रोल पंप के बाहर लाइन में गाड़ी लगाकर लाइव डिबेट कर रहे हैं।
कितने दोगले हैं बीजेपी के लोग… pic.twitter.com/hlTbIcvJO3
— Anurag Dhanda (@anuragdhanda) March 28, 2026
लाइव डिबेट से जुड़ी क्लिप साझा करते हुए अनुराग ढ़ांडा ने सरकार पर निशाना साधा। आप नेता लिखते हैं कि “सबको नसीहत देते फिर रहे हैं कि पैनिक मत करो, तेल की कोई समस्या नहीं है और खुद बीजेपी के प्रवक्ता पैट्रोल पंप के बाहर लाइन में गाड़ी लगाकर लाइव डिबेट कर रहे हैं।” उनके इस मुखर अंदाज को लेकर खूब सुर्खियां बन रही हैं।
एलपीजी के साथ फ्यूल शॉर्टेज का जिक्र कर निशाना साध चुके हैं आप नेता!
अनुराग ढ़ांडा देश के विभिन्न हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से गैस एजेंसियों पर लग रही कतारों से जुड़ा क्लिप भी साझा कर चुके हैं। इससे इतर पेट्रोल पंप पर डीजल-पेट्रोल के लिए उमड़ी भीड़ भी अनुराग ढ़ांडा के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर स्थान पा चुकी है। इसके सहारे आप नेता केन्द्र को निशाने पर ले चुके हैं।
ईंधन संकट के साथ एलपीजी शॉर्टेज का गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने पिछले दिनों केन्द्र पर निशाना साधा था। इस दौरान अनुराग ढ़ांडा ने सरकार की नीतियों को कटघरे में खड़ा किया था। ये दर्शाता है कि कैसे आप नेता जनहित से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए मुखरता के साथ केन्द्र पर निशाना साधने का मौका हाथ से नहीं निकलने देते हैं।






