Artificial Intelligence खतरा नहीं, बदलाव है, इंडिया के एआई सेक्टर में पैदा होंगी ये 5 जॉब्स; इन लोगों की आएगी मौज

Artificial Intelligence: भारत में एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से नौकरियां पैदा हो सकती हैं। एआई सेक्टर में ये 5 जॉब्स लोगों को रोजगार प्रदान कर सकती हैं।

Artificial Intelligence: भारत समेत पूरे विश्व में एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को लेकर यही चर्चा चल रही है कि यह इंसानों की जगह ले लेगा। ऐसे में लोगों के बीच नौकरी जाने का डर बना हुआ है। बीते साल इसके कुछ उदाहरण भी देखने को मिले। इससे लोगों का डर और बढ़ गया है। मगर हम आपको कहे कि एआई से खतरा नहीं, बल्कि बदलाव आएगा। जी हां, एआई से देश में 5 तरह की नौकरियां पैदा हो सकती हैं।

Artificial Intelligence: एआई ऑपरेटर

एआई ऑपरेटर की एक निर्धारित परिभाषा नहीं है, मगर इसे कई मामलों में, उस व्यक्ति के तौर पर बताते हैं, जो एआई सिस्टम का प्रबंधन और मार्गदर्शन करता है।

एआई डेटा एनालिस्ट और डेटा साइंटिस्ट

वहीं, एआई डेटा एनालिस्ट और डेटा साइंटिस्ट की नौकरी भी इंडिया में तेजी से बढ़ सकती है। डेटा को समझने, रिपोर्ट बनाने और पैटर्न खोजने के लिए एआई पावर्ड टूल का उपयोग करता है। जबकि डेटा साइंटिस्ट अधिक एडवांस्ड मॉडल बनाकर जटिल समस्या समाधान पर ध्यान केंद्रित करता है।

साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट

भारत में साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट की जॉब में भी इजाफा देखने को मिल सकता है। साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट कंप्यूटर सिस्टम, नेटवर्क और डेटा को साइबर हमलों, खतरों और कमजोरियों से बचाने के लिए सुरक्षा सिस्टम को डिजाइन, लागू करना और उसे बनाए रखना होता है।

मशीन लर्निंग इंजीनियर

देश में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से मशीन लर्निंग इंजीनियर की नौकरी में बढ़ोतरी हो सकती है। मशीन लर्निंग इंजीनियर डेटा और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग को मिलाकर ऐसे एआई सिस्टम बनाता है, जो डेटा से सीखकर भविष्यवाणियां कर सकें।

एआई एथिक्स मैनेजर

इंडिया में आने वाले कुछ सालों में एआई एथिक्स मैनेजर की नौकरी भी बढ़ सकती है। एआई एथिक्स मैनेजर, एआई जोखिमों को कम करने, नैतिक ढांचे विकसित करने और एआई के जिम्मेदाराना उपयोग पर टीमों का मार्गदर्शन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से डर नहीं, बदलाव आएगा!

इस तरह से भारत में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस नई नौकरियां पैदा कर सकता है। हालांकि, लोगों को इन नौकरियों के हिसाब से खुद को कौशलयुक्त करना होगा। इस काम में निजी संस्थानों के साथ केंद्र और राज्य सरकारें भी अपने-अपने स्तर पर अहम योगदान दे सकती हैं। ऐसे में लोगों को एआई से डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि खुद को स्किलफुल बनाने की जरूरत है।

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