Ayatollah Ali Khamenei: अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बीच ईरान का शक्ति प्रदर्शन, अमेरिका-इजरायल को खास संदेश, जानें सबकुछ

Ayatollah Ali Khamenei: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार की शुरुआत आज यानि 4 जुलाई हो चुकी है।

Ayatollah Ali Khamenei

फाइल फोटो

Ayatollah Ali Khamenei: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार की शुरुआत आज यानि 4 जुलाई हो चुकी है। बता दें कि इसकी शुरूआत ऐसे समय में हुई है। जब पूरा मीडिल ईस्ट में तनाव है। वहीं अली खामेनेई को श्रद्धांजलि देने के लिए भारत समेत दुनिया के कई देश के प्रमुख व्यक्ति उनको अंतिम विदाई देने के लिए पहुंची है।

राजधानी तेहरान में लाखों लोगों की मौजूदगी, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, सैन्य शक्ति का प्रदर्शन और अमेरिका-इजरायल को दी गई खुली चेतावनी ने इस अंतिम संस्कार को केवल एक धार्मिक या राजकीय कार्यक्रम नहीं रहने दिया, बल्कि इसे एक बड़े भू-राजनीतिक संदेश में बदल दिया है।

Ayatollah Ali Khamenei के अंतिम संस्कार के बीच ईरान का शक्ति प्रदर्शन

जानकारी के मुताबिक राजधानी तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला परिसर में अयातुल्ला अली खामेनेई का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। हजारों नहीं बल्कि लाखों समर्थक श्रद्धांजलि देने पहुंचे। मालूम हो कि Ayatollah Ali Khamenei के अंतिम संस्कार में रूस, चीन, पाकिस्तान, इराक सहित कई मित्र देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इन देशों की मौजूदगी को ईरान अपने अंतरराष्ट्रीय समर्थन के रूप में पेश कर रहा है। हालांकि पश्चिम देशों के नेताओं के शिरकत नहीं करने से कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है। मालूम हो कि यह पूरी प्रक्रिया 4 जुलाई से 9 जुलाई के बीच चलेगी। गौरतलब है कि इसे ईरान के शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है, जहां लाखों की भीड़ इक्ट्ठा हुई।

क्या है अमेरिका इजरायल को संदेश?

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, अंतिम संस्कार के दौरान विशाल जनसमूह, सैन्य शक्ति का प्रदर्शन, मित्र देशों की भागीदारी और सुरक्षा बलों की अभूतपूर्व तैनाती के जरिए ईरान यह संदेश देना चाहता है कि नेतृत्व परिवर्तन के बावजूद उसकी सैन्य और राजनीतिक क्षमता कमजोर नहीं हुई है।

साथ ही यह संकेत भी दिया गया कि किसी भी बाहरी दबाव या सैन्य कार्रवाई का जवाब देने की तैयारी पहले की तरह कायम है। इसके अलावा अमेरिका लगातार यह आरोप लगातार आ रहा थे कि ईरान की जनता मौजूदा सरकार के पूरी तरह से खिलाफ है।

 

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