Ram Mandir Chanda Chori: पूरे देश में राम मंदिर इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है। विपक्ष लगातार केंद्र और राज्य सरकार पर हमलावर नजर आ रहे है। बता दें कि Ram Mandir Chanda Chori मामले में लगातार नए-नए खुलासे हो रहे है। मालूम हो कि ट्रस्ट पर आरोप के बाद योगी सरकार की तरफ से एसआईटी का गठन किया गया था।
वहीं कमेटी की तरफ से रिपोर्ट पेश करने के तुरंत बाद कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं एसआईटी की तरफ से लगातार जांच जारी है। इसी बीच अब इस मामले में आरआरएस यानि (राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ) ने प्रतिक्रिया दी है।
Ram Mandir Chanda Chori मामले में आरएसएस ने दी प्रतिक्रिया
बता दें कि Ram Mandir Chanda Chori चोरी मामले में आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि , “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पूरे हिंदू समाज से अपील करता है कि वे इस मुश्किल समय में धैर्य और संयम बनाए रखें।
VIDEO | Delhi: On the Ram Mandir donation theft row, RSS General Secretary Dattatreya Hosabale says, “The Rashtriya Swayamsevak Sangh also appeals to the entire Hindu community to remain patient and exercise restraint during this difficult time. We urge people not to allow this… pic.twitter.com/Z3p2KOxX0J
— Press Trust of India (@PTI_News) July 3, 2026
हम लोगों से आग्रह करते हैं कि वे इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का फ़ायदा हिंदू-विरोधी और राष्ट्र-विरोधी ताक़तों को न उठाने दें, ताकि वे हिंदू धर्म और हिंदू समाज को बदनाम न कर सकें। जय श्री राम। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और पूरा हिंदू समाज स्वाभाविक रूप से यह उम्मीद करता है कि ट्रस्ट इस बेहद निंदनीय घटना को पूरी गंभीरता से ले और मंदिर के प्रबंधन व प्रशासन की सभी कमियों को दूर करने के लिए प्रभावी सुधारात्मक कदम उठाए, ताकि अयोध्या राम मंदिर में करोड़ों राम भक्तों की आस्था और श्रद्धा अटूट बनी रहे” ।
आरएसएस की एंट्री से विपक्ष की बढ़ी चिंता
गौरतलब है कि पूरा विपक्ष एक सुर में Ram Mandir Chanda Chori को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। इसी बीच आरएसएस की एंट्री से विपक्षा की चिंता बढ़ गई है। गौरतलब है कि इस मामले के कई दिनों बाद संघ ने इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है। संघ के इस रुख को राजनीतिक गलियारों में अहम माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इससे यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि संगठन पारदर्शिता और जवाबदेही के पक्ष में खड़ा है। माना जा रहा है कि आरएसएस के इस बयान से हिंदुओं को संगठित करने में मदद मिलेगी।
