Mohan Bhagwat: आरएसएस प्रमुख ने आज यानि 8 फरवरी को कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। संघ यात्रा के 100 साल’ नाम के एक कार्यक्रम में बोलते हुए भागवत ने कहा कि हिंदू कोई संज्ञा नहीं। बल्कि एक विशेषण है जो भारत की सांस्कृतिक प्रकृति का वर्णन करता है। भागवत ने कहा कि भारत का वैश्विक नेतृत्व भाषणों से नहीं, बल्कि उदाहरण से तय होगा। इसके अलावा उन्होंने बांग्लादेशी हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। इसके अलावा भी उन्होंने कई मुद्दों पर अपनी बात खुलकर रखी है। मोहन भागवत ने हिंदुओं के लेकर कहा है कि हम विश्व गुरु बनेंगे। लेकिन भाषण से नहीं। हमें उदाहरण पेश करना होगा। चलिए आपको बताते है मोहन भागवत के भाषण की प्रमुख बातें।
Mohan Bhagwat ने बांग्लादेशी हिंदुओं को दी नसीहत
एक कार्यक्रम के दौरान आरएसएस प्रमुख मोहन भगवत ने बांग्लादेशी हिंदुओं को नसीहत देते हुए कहा कि “बांग्लादेश में जो घटना घटी, बांग्लादेश में आज भी 12.5 करोड़ हिंदू हैं। अगर वे एकजुट हो जाएं, तो वे वहां की राजनीतिक व्यवस्था का इस्तेमाल अपने फायदे और अपनी सुरक्षा के लिए कर सकते हैं, लेकिन उन्हें एकजुट होना होगा। सौभाग्य से, इस बार उन्होंने भागने का नहीं, बल्कि वहीं रहकर लड़ने का फैसला किया है।
#WATCH | Mumbai, Maharashtra: RSS Chief Mohan Bhagwat says, “… The incident that happened in Bangladesh… there are still 1.25 crore Hindus in Bangladesh. If they unite, they can utilise the political system there for their own benefit, for their own security, but they have to… pic.twitter.com/NamEd0hDPc
— ANI (@ANI) February 8, 2026
अब, अगर उन्हें लड़ना ही है, तो एकता बेहद जरूरी होगी। जितनी जल्दी वे एकजुट हों, उतना ही अच्छा है। बांग्लादेश में मौजूद हिंदुओं की संख्या को देखते हुए, वे अपनी स्थिति में काफी सुधार कर सकते हैं। इसे हासिल करने के लिए, हम यहां अपनी सीमाओं के भीतर और दुनिया भर में अपने-अपने स्थानों पर मौजूद हिंदू, उनके लिए हर संभव प्रयास करेंगे। मैं आपको यह आश्वासन दे सकता हूं”।
2047 को लेकर क्या बोले मोहन भागवत?
2047 में भारत के विभाजन के डर को पालने के बजाय, 2047 में एक अविभाजित भारत के उदय की कल्पना कीजिए। यहाँ 500 वर्षों तक शासन करने वाले सुल्तान और सम्राट ऐसा नहीं कर सके, अंग्रेज 200 वर्षों में ऐसा नहीं कर सके, तो स्वतंत्र भारत में ऐसा दोबारा क्यों होगा? यह 1947 नहीं है। हम अब बहुत प्रगति कर चुके हैं। जो लोग भारत को तोड़ने की कोशिश करेंगे, वे स्वयं टूट जाएंगे।
#WATCH | Mumbai, Maharashtra: RSS Chief Mohan Bhagwat says, “… Instead of harbouring fears of the partition of India in 2047, imagine the rise of an undivided India in 2047. The Sultans and emperors who ruled here for 500 years couldn’t do it, the British couldn’t do it in 200… pic.twitter.com/ZebFGxgZj0
— ANI (@ANI) February 8, 2026
भारत एकजुट होगा। ऐसा होगा, और हम इसे करके दिखाएंगे। यदि आप अपने मन में इस संकल्प को मजबूत कर लें, तो इन बुरे सपनों को देखने वालों की योजनाएँ कभी सफल नहीं होंगी। हम मजबूत लोग हैं, हम उन्हें ऐसा नहीं करने देंगे, ऐसा सोचने भी नहीं देंगे।
