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India Semiconductor Mission 2.0: अब सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मिलेगी मजबूती, अश्विनी वैष्णव ने 2 नैनोमीटर क्वालकॉम चिप को किया अनवील; बताया फ्यूचर रोडमैप

India Semiconductor Mission 2.0

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India Semiconductor Mission 2.0: भारत सरकार देश में सेमीकंडक्टर सेक्टर को काफी गंभीरता के साथ आगे बढ़ाने का प्रयत्न कर रही है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बीते दिन देशवासियों को एक बड़ी खुशखबरी दी। आईटी मंत्री ने 2-नैनोमीटर क्वालकॉम चिप को अनवील करते हुए बताया कि इसे भारत में डिजाइन किया गया है। ऐसे में माना जा रहा है कि भारत ने वैश्विक स्तर पर चिप सेक्टर में अपने कदम तेज कर दिए हैं। केंद्रीय मंत्री ने इस दौरान एंड-टू-एंड सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बनाने में देश की तेज प्रगति पर जोर दिया। बता दें कि यह इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 को रफ्तार दे सकती है।

India Semiconductor Mission 2.0 को जल्द मिलेगी रफ्तार

अश्विनी वैष्णव ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के तहत 2-नैनोमीटर क्वालकॉम चिप को अनवील करते हुए कहा, ‘यह डेवलपमेंट भारत की पहले की बैक-ऑफिस डेस्टिनेशन की भूमिका से हटकर एंड-टू-एंड सेमीकंडक्टर प्रोडक्ट डेवलपमेंट के हब बनने की ओर एक बदलाव है, जिसमें कस्टमर प्रोडक्ट डेफिनेशन से लेकर सिलिकॉन डिजाइन, टेप-आउट और वैलिडेशन तक सब शामिल है। हमारा देश सेमीकंडक्टर उत्पादन डिजाइन में बड़ी तरक्की कर रहा है और पूरे इकोसिस्टम को अपने देश में ला रहा है। यह एक नई इंडस्ट्री है।’

2-नैनोमीटर क्वालकॉम चिप की क्षमताओं और स्पेसिफिकेशन्स पर आईटी मंत्री ने कहा, ‘नए डिजाइन किए गए वेफर में लगभग 20 से 30 अरब ट्रांजिस्टर हैं, और हर डाई – वेफर पर एक छोटा सा चौकोर हिस्सा में लगभग 20 अरब ट्रांजिस्टर हैं। उन्होंने समझाया कि इस चिप में सीपीयू और जीपीयू दोनों इंटीग्रेटेड हैं।’

उन्होंने कहा, ‘सेमीकंडक्टर डिजाइन को प्राथमिकता दी जाएगी, इसके बाद इक्विपमेंट और मटीरियल मैन्युफैक्चरिंग, पूरे सिस्टम-लेवल डिजाइन के लिए टैलेंट डेवलपमेंट और फैब्रिकेशन और असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग यूनिट्स का विस्तार किया जाएगा।’

इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 से पैदा होंगी हजारों नौकरियां

आपको जानकारी के लिए बता दें कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के तहत अभी भारत के इंजीनियर्स ने 2-नैनोमीटर क्वालकॉम चिप को डिजाइन किया है। ऐसे में निकट भविष्य में भारत में इस क्षेत्र में नई नौकरियां पैदा होंगी। साथ ही भारत के आत्मनिर्भर लक्ष्य को नई उड़ान मिल सकेगी। इंडिया स्मार्टफोन, इलेक्ट्रिक वाहन, डिफेंस और एआई सेक्टरों में इस्तेमाल होने वाली चिप को खुद ही बना सकेगा। ऐसे में यह भारत के तकनीकी भविष्य को पूरी तरह से बदलने की क्षमता रखती है।

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