Budget 2026: संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आम बजट पेश किया जा रहा है। गौरतलब है कि भाषण के शुरूआत में ही वित्त मंत्री ने तीन कर्तव्यों पर जोर दिया। पहला लक्ष्या प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाकर आर्थिक विकास को गति देना और उसे बनाए रखना है। दूसरा लक्ष्य जनता की आकांक्षाओं को पूरा करना है। तीसरा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक परिवार, समुदाय और क्षेत्र को संसाधनों और अवसरों तक पहुंच प्राप्त हो। माना जा रहा है कि यह बजट आम लोगों के साथ-साथ आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। माना जा रहा है कि बजट 2026 आम लोगों के लिए एक गेमचेंजर साबित हो सकता है। चलिए आपको बताते है बजट से जुड़े लेटेस्ट अपडेट।
तीन कर्तव्यों को लेकर वित्त मंत्री ने दिया जोर – Budget 2026
पहला कर्तव्य – उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाकर तथा अस्थिर वैश्विक परिस्थितियों के प्रति लचीलापन विकसित करके आर्थिक विकास को गति देना और उसे बनाए रखना है।
दूसरा कर्तव्य – जनता की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमता का निर्माण करना है, ताकि वे भारत की समृद्धि के पथ में सशक्त भागीदार बन सकें।
तीसरा कर्तव्य – ‘सबका साथ सबका विकास’ की परिकल्पना के अनुरूप, यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक परिवार, समुदाय, क्षेत्र और वर्ग को संसाधनों, सुविधाओं और सार्थक भागीदारी के अवसरों तक पहुंच प्राप्त हो।
क्या आम लोगों के लिए बजट 2026 में क्या निकला?
बता दें कि बजट 2026 में इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा निवेश किया गया है।भारत में पूंजीगत व्यय (Capex) को बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ किया गया — इससे रोज़गार और बेहतर सुविधाएँ मिल सकती हैं। 7 हाई‑स्पीड रेल कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट्स की घोषणा हुई — जिनसे यात्रा और व्यापार को बेहतर सुविधा मिल सकती है। सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, रेयर अर्थ कॉरिडोर, मेगा टेक्सटाइल पार्क जैसी योजनाएं, स्थानीय उद्योग और रोज़गार को बढ़ावा मिलेगा। किफायती आवास पर निवेश वृद्धि की योजना जिससे अब घरों के दाम सस्ते हो सकते है।
पिछले बजट से तुलना वित्त वर्ष 2026 का बजट
पिछले बजट से तुलना वित्त वर्ष 2026 के बजट में केंद्र सरकार ने रक्षा क्षेत्र के लिए 6.81 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए थे, जो सरकारी व्यय के सबसे बड़े घटकों में से एक था। इसमें से रक्षा सेवाओं पर राजस्व व्यय 3.12 लाख करोड़ रुपये था, जिसमें वेतन, भत्ते, उपकरण रखरखाव और परिचालन संबंधी आवश्यकताएं शामिल थीं।




