Budget 2026: वित्त मंत्री ने रेल प्रेमियों को बड़ी खुशखबरी देते हुए 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है, जो कई मायने में एक गेमचेंजर साबित होने जा रही है। सबसे खास बात है कि इससे कई धार्मिक पर्यटन स्थल भी जुड़ेंगे। सबसे खास बात है कि इससे प्रमुख आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्रों के बीच कनेक्टिविटी में सुधार करेंगे, साथ ही लंबी दूरी की यात्रा के कार्बन फुटप्रिंट को कम करेंगे। गौरतलब है क अभी हाल ही में देश की सेमी हाई स्पीड स्लीपर ट्रेन पटरियों पर दौड़ रही है। साथ ही यात्रियों के लिए की पहली पसंद बन चुकी है। इसी को देखते हुए अब हाई स्पीड कॉरिडोर बनाया जा रहा है, ताकि बुलेट ट्रेन का संचालन किया जा रहा है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
दिल्ली-वाराणसी समेत कई रूटों पर बनेगा हाई स्पीड रेल कॉरिडोर
घोषणा के अनुसार, प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर मुंबई-पुणे, हैदराबाद-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी, वाराणसी-सिलीगुड़ी, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु शामिल है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 को “युवाशक्ति” से प्रेरित और “तीन कर्तव्य” पर आधारित बताते हुए अगले पांच वर्षों में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, नए समर्पित माल ढुलाई कॉरिडोर और 20 राष्ट्रीय जलमार्गों को चालू करने का प्रस्ताव रखा।
केंद्रीय बजट में पर्यावरण के अनुकूल यात्री परिवहन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है और प्रमुख शहरी और आर्थिक केंद्रों के बीच सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव है। ये कॉरिडोर विकास को जोड़ने का काम करेंगे, जिससे यात्रा का समय कम होगा, उत्सर्जन घटेगा और क्षेत्रीय विकास को समर्थन मिलेगा। ये सभी कॉरिडोर मिलकर भारत के वित्तीय केंद्रों, प्रौद्योगिकी केंद्रों, विनिर्माण समूहों और उभरते शहरों को तेज और स्वच्छ परिवहन से जोड़ेंगे।
वित्त मंत्री ने दी अहम जानकारी
बजट के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रेल प्रेमियों को बड़ी सौगात दी है, उन्होंने कहा कि “पर्यावरण के अनुकूल यात्री प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए, हम शहरों के बीच सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करेंगे जो विकास को जोड़ने का काम करेंगे, जिनमें मुंबई से पुणे, पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु, हैदराबाद से चेन्नई, चेन्नई से बेंगलुरु, दिल्ली से वाराणसी और वाराणसी से सिलीगुड़ी शामिल हैं।”
बजट में पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन और प्रकृति-आधारित यात्रा पर भी जोर दिया गया। वित्त मंत्री ने कहा, “भारत में विश्व स्तरीय ट्रेकिंग और हाइकिंग का अनुभव प्रदान करने की क्षमता और अवसर है। सरकार हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ पूर्वी घाट की अरकु घाटी और पश्चिमी घाट की पुदिगई मलाई में पर्यावरण के अनुकूल पर्वतीय मार्ग विकसित करेगी”। जिससे कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी।





