---Advertisement---

Chandra Grahan 2026: स्नान-ध्यान, दान-पुण्य व अन्य क्रिया कलाप! ग्रहण खत्म होते ही निपटा लें ये काम, अथवा कुप्रभाव से पछताएंगे?

Chandra Grahan 2026 का पहर समाप्त होने के पश्चात स्नान-ध्यान कर धार्मिक क्रिया-कलाप निपटाकर ताजा भोजन ग्रहण करने की मान्यता है। ऐसा करने से ग्रहण के दुष्प्रभाव से बचा जा सकता है।

Avatar of Gaurav Dixit

By: Gaurav Dixit

Published: मार्च 3, 2026 5:28 अपराह्न

Chandra Grahan 2026
Follow Us
---Advertisement---

Chandra Grahan 2026: सूतक काल समाप्त होने के साथ ही शाम 3:20 से चंद्र ग्रहण की शुरुआत हो गई है। ग्रहण काल के दौरान लोग अपने-अपने घरों में बैठे हैं। अमूमन लोग बाहर निकलने से परहेज कर रहे। इस बीच चंद्र ग्रहण 2026 को लेकर तमाम तरह की जानकारी साझा की जा रही है।

एक जानकारी हम भी आपसे साझा करेंगे और बताएंगे कि ग्रहण काल समाप्त होने के बाद क्या करने का मान्यता है। स्नान-ध्यान, दान-पुण्य व अन्य धार्मिक क्रिया कलापों के साथ हम मान्यताओं पर खरा उतर सकते हैं। ऐसा ना करने वालों के जीवन पर कुप्रभाव पड़ने की मान्यता है जिससे बचा जा सकता है। तो आइए आपको विस्तार से सब कुछ बताते हैं।

ग्रहण काल खत्म होने के पश्चात जरूर निपटा लें ये काम!

मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण या सूर्य ग्रहण का पहर समाप्त होने के पश्चात कुछ कार्यों को करना जरूरी माना गया है। जैसे सबसे पहले ग्रहण काल खत्म होने पर स्नान-ध्यान कर शरीर का शुद्धिकरण करें। अपने घर और पूजा स्थल की सफाई कर मूर्तियों का अभिषेक करें। ग्रहण काल के बाद ताजा भोजन बनाकर ही अन्न ग्रहण करें। सनद रहे कि जो भोजन बचा हुआ है उसे ग्रहण काल के बाद ना खाएं।

ग्रहण के पश्चात ताजा भोजन ही खाएं। इससे इतर ग्रहण काल खत्म होने पर स्नान-ध्यान के पश्चात क्षमतानुसार दान-पुण्य की परंपरा को मान्यता दी गई है। दान-पुण्य कर तुलसी पेड़ के नीचे दीपक जलाएं और भगवान विष्णु या भोलेनाथ का ध्यान कर शांति मंत्रों का जाप करें। मान्यता है कि ऐसा करने से ग्रहण के कुप्रभावों से बचा जा सकता है।

कब समाप्त होगा Chandra Grahan 2026?

दोपहर 3:30 से चंद्र ग्रहण की शुरुआत हो गई है। जानकारी के मुताबिक चंद्र ग्रहण का पहर शाम 6:47 बजे समाप्त होगा। सूतक की बात करें तो ये आज 3 मार्च को प्रात: 6 बज कर 23 मिनट से ही शुरू है। ग्रहण की समाप्ति के साथ ही सूतक काल भी खत्म होगा। इसके पश्चात लोग स्नान-ध्यान, दान-पुण्य आदि कर ताजा भोजन ग्रहण कर सकते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से ग्रहण का दोष समाप्त होता है और दुष्प्रभावों से बचा जा सकता है।

Disclaimer: यहां साझा की गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। डीएनपी इंडिया/लेखक इन बातों की सत्यता का प्रमाण नहीं प्रस्तुत करता है।

Avatar of Gaurav Dixit

Gaurav Dixit

गौरव दीक्षित पत्रकारिता जगत के उभरते हुए चेहरा हैं। उन्होनें चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से अपनी पत्रकारिता की डिग्री प्राप्त की है। गौरव राजनीति, ऑटो और टेक संबंघी विषयों पर लिखने में रुची रखते हैं। गौरव पिछले दो वर्षों के दौरान कई प्रतिष्ठीत संस्थानों में कार्य कर चुके हैं और वर्तमान में DNP के साथ कार्यरत हैं।
For Feedback - feedback@dnpnewsnetwork.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

CJP Protest

जुलाई 24, 2026

Rain Alert 25 July 2026

जुलाई 24, 2026

कल का मौसम 25 July 2026

जुलाई 24, 2026

Vande Bharat Train

जुलाई 24, 2026

Dia Mirza

जुलाई 24, 2026

Jharkhand News

जुलाई 24, 2026