CJP Protest: सोनम वांगचुक का विपक्ष को करारा जवाब, केंद्र सरकार के लिए आज अग्नि परीक्षा, जंतर मंतर पर बढ़ी हलचल

CJP Protest: दिल्ली के जंतर मंतर पर नीट पेपर लीक और धर्मेंद प्रधान के इस्तीफे को लेकर सीजेपी लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही है।

CJP Protest

फाइल फोटो

CJP Protest: बीते कई दिनों से दिल्ली के जंतर मंतर पर नीट पेपर लीक और धर्मेंद प्रधान के इस्तीफे को लेकर सीजेपी लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही है। राजधानी का पारा सातवें आसमान पर है। इसी बीच अब सोनम वांगचुक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसके बाद कई तरह के सवाल उठ रहे है।

दरअसल भूख हड़ताल तोड़ने के बाद लगातार उनपर आरोप लगाया जा रहा है कि सरकार और उनके साथ कोई डील हुई है। हालांकि अब वांगचुक ने ऐसे लोगों को करारा जवाब दिया है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।

सोनम वांगचुक का विपक्ष पर करारा जवाब

अपने ऊपर लड़के आरोपों के बाद सोनम वांगचुक ने अपने एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि “छात्रों के लिए 26 दिन तक उपवास रखने, 11 किलो वज़न कम होने (जिसमें मेरी मसल्स भी कम हो गईं और मेरे अंग व दिमाग को कभी न ठीक होने वाला नुकसान पहुँचने का खतरा पैदा हो गया था), और लद्दाख की कड़ाके की ठंड से आकर दिल्ली की चिलचिलाती गर्मी में यह सब करने के बाद क्या मुझे किसी से इस बात का ‘चरित्र प्रमाण-पत्र’ लेना होगा कि मेरा उपवास कितना पवित्र था, मैंने किसके हाथों इसे तोड़ा, या मैंने कोई सौदा किया या नहीं?

ऐसे लोगों को पैदा करने वाले देश पर शर्म आती है, जहाँ से ऐसी घटिया सोच निकलती है। मैं किसी को दोष नहीं देता क्योंकि आपमें से ज़्यादातर लोगों को यह नहीं पता कि मैं किन हालात से गुज़रा हूँ, या पिछले एक-दो हफ़्तों में मेरा परिवार किन हालात से गुज़रा है। इसलिए किसी की भी बात सुनने से पहले, उनके बैकग्राउंड को ज़रूर देखें। क्या उनके मन में कोई रंजिश है? क्या वे किसी ऐसी राजनीतिक पार्टी से हैं जिसकी किसी दूसरी पार्टी से दुश्मनी है, या वे एक निष्पक्ष व्यक्ति हैं? अगर वे निष्पक्ष हैं, तो ज़रूर उनकी बात सुनें।”

केंद्र सरकार की अग्नि परीक्षा

बता दें कि आज फिर केंद्र सरकार और सीजेपी के प्रवक्ताओं के साथ एक बार फिर मीटिंग होनी है। जिसके बाद कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है। सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि “हमें उम्मीद है कि आज मुआवज़े और कानूनी कार्रवाई के मुद्दों पर लिखित समझौता हो जाएगा।

हमें इस आंदोलन की मुख्य मांग, यानी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े पर भी जवाब मिलने की उम्मीद है। अगर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा नहीं देते हैं, तो विरोध और तेज़ हो जाएगा और हमें जल्द ही आंदोलन के लिए एक और देशव्यापी आह्वान करना होगा।” यानि यह तो साफ है कि अगर सरकार की तरफ से कुछ कड़े फैसले नहीं लिए जाते तो स्थिति और चिंताजनक हो सकती है।

 

 

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