चुनावी साल में अभ्यर्थियों को नीतीश सरकार का तोहफा! नए शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया तेज करने का निर्देश, विपक्ष की बढ़ी मुश्किलें?

चुनावी साल में सीएम Nitish Kumar ने नए शिक्षकों की भर्ती करने का ऐलान किया है जिससे अभ्यर्थियों को लाभ होने के आसार हैं। युवाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को पहले ही साध चुकी नीतीश सरकार ने शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए बड़ा ऐलान कर विपक्ष की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

Nitish Kumar: युवाओं और महिलाओं को साधने के बाद नीतीश सरकार अब शिक्षक अभ्यर्थियों को साधने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ऐलान किया है कि जल्द से जल्द TRE 4 की परीक्षा आयोजित कर नए शिक्षकों की नियुक्ति की जाए। चुनावी साल में नए शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया तेज करने का निर्देश युवाओं को साधने की दिशा में बड़ा कदम है। Nitish Kumar की सरकार पहले ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशी में इजाफा, 1 करोड़ नौकरी और रोजगार समेत अन्य कई ऐलान कर चुनावी वर्ष में तोहफे का बौछार कर चुकी है। इसी फेहरिस्त में अब नए शिक्षकों की नियुक्ति से जुड़े फैसले को अभ्यर्थियों को साधने की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि NDA सरकार का ये फैसला विपक्ष की मुश्किलें बढ़ा सकता है और उसके हाथ से एक और ज्वलंत मुद्दा छीन सकता है।

शिक्षक अभ्यर्थियों को सीएम Nitish Kumar का बड़ा तोहफा!

सूबे के युवाओं, दिव्यांगजनों और वरिष्ठ जनों को पहले ही साध चुकी नीतीश सरकार ने अब शिक्षक अभ्यर्थियों को साध लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद नए शिक्षकों की भर्ती के संदर्भ में निर्देश जारी किए हैं। सीएम Nitish Kumar के एक्स पोस्ट से लिखा गया है कि “हमने शिक्षा विभाग को कहा है कि सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की रिक्तियों की गणना तुरंत कर ली जाए और इस पर नियुक्ति के लिए TRE 4 की परीक्षा शीघ्र लेने की कार्रवाई की जाए। राज्य सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि नियुक्तियों में 35 प्रतिशत महिलाओं के लिए आरक्षण का लाभ बिहार की निवासी महिलाओं को ही दिया जाएगा।” ऐसे में ये स्पष्ट है कि गणना के बाद रिक्त पदों पर शिक्षकों की भर्ती होगी जिससे अभ्यर्थियों को मौका मिलेगा।

विपक्ष की मुश्किलें बढ़ा रहे सीएम नीतीश कुमार!

मालूम हो कि इससे पूर्व बिहार सरकार सामाजिक सुरक्षा पेंशन की धनराशि में इजाफा कर चुकी है। इसके तहत विधवा महिलाओं, वृद्ध जनों और दिव्यांगजनों की दी जाने वाली पेंशन की धनराशि बढ़कर 1100 रुपए प्रति माह हो गई है। वहीं श्रम विभाग द्वारा 1 करोड़ नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराने से जुड़े प्रस्ताव पर भी Nitish Kumar की सरकार मोहर लगा चुकी है। साथ ही युवा आयोग का गठन हो गया है। ऐसे में इन तमाम ऐलान के बाद अब नए शिक्षकों की भर्ती का ऐलान करना विपक्ष को चारों खाने चित्त करने के समान है। दरअसल, विपक्ष इन तमाम मुद्दों पर बिहार सरकार को घेर रहा था। इसी बीच बिहार सरकार खुद को हर मोर्चे पर दुरुस्त कर विपक्ष के हाथों से सारे मुद्दों को छिनकर उनकी मुश्किलें बढ़ा रही है।