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Delhi News: DDA Flats को खरीदने के लिए कभी लगते थे ऊंचे जुगाड़, अब उनसे दिल्ली वासियों ने क्यों की तौबा? डिस्काउंट भी बेअसर

DDA Flats

DDA Flats: Picture Credit: Google

DDA Flats : दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी के द्वारा बनाए जाने वाल फ्लैट्स को खरीदने के लिए लोग काफी उत्सुक रहते हैं। खबरें तो यहां तक आती हैं कि, इन आवासों को खरदीने के लिए ऊंचे जुगाड़ औरर सिफारिश भी लगती हैं। लेकिन अब अचानक से दिल्ली वासियों का इन फ्लैट्स से मोह भंग हो गया है। डीडीए की तरफ दिए जा रहे डिस्काउंट पर भी इन फ्लैट्स को नहीं खरीदा जा रहा है।आपको बता दें, दिल्ली की अलग-अलग लोकेशन पर बने डीडीए फ्लैट्स की कीमत 12 लाख से लेकर 1 से 2 करोड़ तक है।

DDA Flats से लोगों ने बनाई दूरी

डीडीए फ्लैट्स के ना बिकने का सवाल संसद में कांग्रेस के सांसद बलवंत वानखएड़े ने उठाया था। जिसके जवाब में पता चला कि, दिल्ली में इस स्मय डीडीए के फ्लैट्स 34052 हैं। इन घरों की सबसे ज्यादा संख्या नरेला में है। इस इलाके में डीडीए के 31487 फ्लैट हैं, जिन्हें खरीदने में लोगों के द्वारा खास रुचि नहीं दिखाई जा रही है। आज तक में छपे सरकारी आंकड़ों की मानें को दिल्ली विकास प्राधिकारण ने आवासीय योजना के तहत पूरे 62801 फ्लैट बनाए थे। जिसमें से सिर्फ 31314 फ्लैट ही बिके हैं।अभी तक सिर्फ 50 फीसदी तक ही फ्लैट सेल हुए हैं। इनके सेल ना होने के कारण कुछ न्यूज वेबसाइट में लगातार छापे जा रहे हैं। अगर आप भी डीडीए के फ्लैट खरीदने का प्लान कर रहे हैं तो उन कारणों को जरुर जान लीजिए। जिनकी वजह से जनता इनसे दूरी बना रही है।

लाखों की छूट के बाद भी डीडीए फ्लैट क्यों नहीं खरीदना चाहते दिल्ली वाले?

डीडीए के द्वारा सरकारी कर्मचारियों को 25 फीसदी तक की छूट दी जा रही है। लेकिन उसके बाद भी लोग इन्हें नहीं खरीद रहे हैं। नरेला में कनेक्टिविटी काफी खराब बताई जा रही है। जिसकी वजह से लोगों ने इससे दूरी बनाई हुई है। इसके साथ ही कुछ लोगों को इन फ्लैट की गुणवत्ता पर विश्वनास नहीं है। इसके साथ ही कुछ लोग सुरक्षा कारणों के चलते इनसे दूरी बनाए हुए हैं। जहां पर डीडीए ने फ्लैट्स को बनाया है वहां पर स्कूल , मेडिकल, बाजार , पानी और सड़क की सुविधा नहीं है। जिसकी वजह से लोग उन्हें खरीदने से कतरा रहे हैं। कुछ लोग रियल स्टेट में प्राइवेट बिल्डरों के बढ़ते कॉम्पिटिशन को इसका कारण बता रहे हैं। ये कुछ ऐसे कारण बताए जा रहे हैं। जिसकी वजह से लोगों ने इन्हें खरीदने से दूरी बनाई है।

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