---Advertisement---

Delhi Uranium Case: दिल्लीवासियों के लिए दोहरी मार, जहरीली हवा के साथ ग्राउंडवाटर में बढ़ा यूरेनियम का स्तर, आपकी सेहत के लिए कितना खतरनाक?

Delhi Uranium Case: दिल्ली वाले जहरीली हवा के साथ यूरेनियम वाला पानी भी पी रहे हैं। इससे लोगों की सेहत पर खराब प्रभाव पड़ सकता है।

Avatar of Amit Mahajan

By: Amit Mahajan

Published: नवम्बर 30, 2025 11:04 पूर्वाह्न

Delhi Uranium Case
Follow Us
---Advertisement---

Delhi Uranium Case: राजधानी में अभी भी एक्यूआई यानी एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 300 से ऊपर बना हुआ है। ऐसे में जहां एक तरफ दिल्ली के लोग जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। वहीं, दिल्लीवासियों के लिए एक और बुरी खबर सामने आई है। दिल्ली की हवा के बाद अब दिल्ली का भूजल भी जानलेवा हो गया है। जी हां, आपने सही पढ़ा, सीजीडब्ल्यूबी यानी सेंट्रल ग्राउंड वॉटर बोर्ड की नई रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा किया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि शहर के भूजल में यूरेनियम का स्तर काफी ज्यादा बढ़ गया है। इस वजह से यह दिल्लीवासियों के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो सकता है।

Delhi Uranium Case: 13 से 15 फीसदी तक बढ़ा यूरेनियम का लेवल

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आमतौर पर पानी में यूरेनियम पाया जाता है। मगर यह जब खतरनाक साबित हो सकता है, जब यूरेनियम पीने के पानी में अधिक मात्रा में मिले। रिपोर्ट के मुताबिक, यूरेनियम अगर लंबे टाइम तक पीने के पानी में रहता है, तो इससे इंसानों को गंभीर समस्या पैदा हो सकती है। सीजीडब्ल्यूबी समय-समय पर दिल्ली के भूजल के सैंपल लेता है और उसकी टेस्टिंग करता है। सीजीडब्ल्यूबी ने दिल्ली में मानसून से पहले और बाद में भूजल के नमूने एकत्रित किए थे। इन सैंपलों में 13 से 15 फीसदी तक यूरेनियम का लेवल बढ़ा हुआ दर्ज हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया है कि राजधानी में लगभग 5500 ट्यूबवेल रोजाना घरों को लगभग 450 मिलियन लीटर ग्राउंडवॉटर सप्लाई करते हैं।

दिल्ली के भूजल में कैसे पहुंचा यूरेनियम?

सीजीडब्ल्यूबी के मुताबिक, रिपोर्ट में कई नमूनों में नाइट्रेट और फ्लोराइड समेत दूसरे खतरनाक पदार्थ भी पाए गए हैं। दिल्ली के पीने के पानी में यूरेनियम मिलने की सबसे बड़ी वजह फॉस्फेट फर्टिलाइजर हो सकता है। फॉस्फेट फर्टिलाइजर का उपयोग सबसे ज्यादा खेतों में होता है। इसके साथ ही इंडस्ट्रियल वेस्ट के जरिए भी यह भूजल तक पहुंच सकता है। इसके अलावा, कई इलाकों की जमीन के नीचे की जगह धीरे-धीरे यूरेनियम छोड़ती है। हालांकि, यूरेनियम स्किन से आसानी से एब्जॉर्ब नहीं होता है, इसलिए नहाने या कपड़े धोने में बहुत कम रिस्क होता है।

लोगों के लिए कितना खतरनाक यूरेनियम का बढ़ा हुआ स्तर?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यूरेनियम वाला पानी पीने से किडनी डैमेज होने का खतरा हो सकता है। किडनी कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। यूरिनरी ट्रैक्ट कैंसर का खतरा अधिक होता है। समय के साथ हड्डियों पर असर पड़ सकता है, क्योंकि यूरेनियम हड्डी के टिशू से जुड़ सकता है।

Avatar of Amit Mahajan

Amit Mahajan

अमित महाजन DNP India Hindi में कंटेंट राइटर की पोस्ट पर काम कर रहे हैं.अमित ने सिंघानिया विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में डिप्लोमा किया है. DNP India Hindi में वह राजनीति, बिजनेस, ऑटो और टेक बीट पर काफी समय से लिख रहे हैं. वह 3 सालों से कंटेंट की फील्ड में काम कर रहे हैं.
For Feedback - feedback@dnpnewsnetwork.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

Sonal Chauhan

मार्च 1, 2026

Punjab News

फ़रवरी 28, 2026

Punjab News

फ़रवरी 28, 2026

 Punjab News

फ़रवरी 28, 2026

Punjab News

फ़रवरी 28, 2026

Rain Alert 1 March 2026

फ़रवरी 28, 2026