‘जबरदस्ती खींचकर ले…’ आंदोलन के बीच Sonam Wangchuk अस्पताल में भर्ती, अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस पर लगाया गंभीर आरोप, जानें सबकुछ

Sonam Wangchuk: दिल्ली के जंतर मंतर पर पिछले कई दिनों से आंदोलन जारी है। लेकिन आज वहां हलचल काफी तेज हो गई है।

Sonam Wangchuk

फाइल फोटो

Sonam Wangchuk: दिल्ली के जंतर मंतर पर पिछले कई दिनों से आंदोलन जारी है। लेकिन आज वहां हलचल काफी तेज हो गई है। दरअसल आज सुबह दिल्ली पुलिस ने पिछले 21 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे Sonam Wangchuk को उठाकर ले गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कर दिया। मालूम हो कि उनकी स्थिति लगातार बिगड़ रही थी। वहीं अब इस मामले में राजनीति माहौल भी पूरी तरह से गरमा गया है। सीजेपी के संस्थापक ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया है। साथ ही उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठने का ऐलान कर दिया है। हालांकि दिल्ली पुलिस की तरफ से भी इस मामले में प्रतिक्रिया सामने आ गई है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।

अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस पर लगाया गंभीर आरोप

मीडिया से बात करते हुए सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि “सुबह 7 बजे, जब मैं फ्रेश होने के लिए बाहर निकला, तो पुलिस के गुंडे वहाँ आ गए। वे सोनम सर को गालियाँ देते हुए ज़बरदस्ती ले गए। दिल्ली पुलिस ने एक 60 साल के बुज़ुर्ग को, जो 20 दिनों से भूख हड़ताल पर थे और जिन्होंने कुछ भी नहीं खाया था, ज़बरदस्ती खींचकर ले गई।

हमें नहीं पता कि वे उन्हें कहाँ ले गए हैं। जब मुझे यह खबर मिली और मैं अपने दोस्त के घर से जंतर-मंतर जा रहा था, तो पुलिस ने मेरे साथ भी मारपीट की। ये पुलिस वाले नहीं हैं; ये RSS के गुंडे हैं। मैं विदेश से अपने देश लौटा था; क्या मैं कोई अपराधी हूँ? वे गुंडे हैं। पुलिस नहीं, बल्कि RSS के गुंडे।”

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में दी प्रतिक्रिया 

डीसीपी नई दिल्ली ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “माननीय हाई कोर्ट के आदेशों और मेडिकल विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार, श्री सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए उन्हें ज़रूरी मेडिकल देखभाल के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

माननीय हाई कोर्ट के आदेशों का पालन करते समय प्रदर्शनकारियों ने बाधा डालने की कोशिश की, जिससे थोड़ी अफ़रा-तफ़री मची; हालाँकि, पुलिस ने संयम बरता और पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित रूप से पूरा किया। हम जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों से अपील करते हैं कि वे जल्द से जल्द शांतिपूर्ण ढंग से उस जगह को खाली कर दें”।

 

 

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