‘विवाद नहीं, संवाद रास्ता..,’ ऑस्ट्रेलिया से Dhirendra Shastri की हुंकार, मिडिल ईस्ट में संग्राम के बीच दुनिया को दिया शांति का मंत्र

बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर Dhirendra Shastri ने ऑस्ट्रेलिया की धरती से दुनिया को शांति का उपदेश दिया है। धीरेन्द्र शास्त्री ने सनातन संस्कृति का जिक्र करते हुए शांति का आह्वान किया है।

Dhirendra Shastri

Picture Credit: सोशल मीडिया (बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री)

Dhirendra Shastri: ऑस्ट्रेलियाई संसद में सनातन के एक सजग प्रहरी की आवाज गूंजी है। यहां बात बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की संदर्भ में हो रही है। दरअसल, बाबा बागेश्वर ने दुनिया को शांति का मूल मंत्र दिया है। मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के मध्य छिड़ी जंग पर विराम लगने के बाद खुशी व्यक्त करते हुए धीरेन्द्र शास्त्री ने बड़ी बात कही है।

बागेश्वर बाबा ने मिडिल ईस्ट संग्राम पर कहा है कि विवाद किसी के लिए कोई रास्ता नहीं है। संवाद रास्ता है। यदि किसी का विनाश करना है तो युद्ध कीजिए और विकास करना है बुद्ध द्वारा दिखाए मार्ग पर चलिए। कथावाचक धीरेन्द्र शास्त्री का कहना है कि सनातन धर्म पूरी दुनिया को शांति का संदेश देता है।

ऑस्ट्रेलिया की धरती से पंडित Dhirendra Shastri ने भरी हुंकार

8 दिवसीय यात्रा पर ऑस्ट्रेलिया पहुंचे बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर ने दुनिया को शांति का मूल मंत्र दिया है। सनातन का जिक्र करते हुए धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा कि हमारा जयकारा है विश्व में शांति कायम रहे। उन्होंने ससंद को संबोधित करते हुए कहा कि “जब मन में शांति होगी तभी विश्व की शांति की कल्पना की जा सकती है। अशांत मन से समाज और राष्ट्र में शांति नहीं आ सकती।”

पश्चिम एशिया की हालिया स्थिति पर धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा कि “मिडिल ईस्ट में जो युद्ध चल रहा था वहां सीजफायर हो गया। भगवान करे सीजफायर बना रहे। ऑस्ट्रेलिया की संसद से बैठकर हम इतना कह सकते हैं विवाद कोई रास्ता नहीं, संवाद रास्ता है। विनाश करना है तो युद्ध को चुनो और विकास के लिए बुद्ध को चुनो। अपने अंदर के तत्व को जान लेना ही असली शांति है।”

सनातन का जिक्र कर दुनिया को दिया शांति का मूल मंत्र

बाबा बागेश्वर ने ऑस्ट्रेलिया की धरती से सनातन का जिक्र करते हुए दुनिया को शांति का मूल मंत्र दिया है। धीरेन्त्र शास्त्री ने कहा कि सनातन का तो जयकारा ही है विश्व में शांति हो। हमने पूरी दुनिया को परिवार की नजर से देखा है। हमने सभी के कल्याण की कामना की है। धीरेन्द्र शास्त्री ने दुनिया को शांति की नसीहत देते हुए कहा कि देखिए महाभारत हमारे देश में लड़ी गई और जिस जमीन पर लड़ी गई वह जमीन आज भी है। लेकिन लड़ने वाले निपट गए। ऐसे में विवाद नहीं, बल्कि संवाद ही शांति अपनाने का एकमात्र रास्ता है।

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