LPG Cylinder Shortage: सरकार की सख्ती और एक्शन मोड के बीच भी गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें नजर आ रही हैं। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरों तक में लोग एलपीजी सिलेंडर लिए कतारबद्ध हैं। ये एलपीजी सिलेंडर शॉर्टेज की स्थिति को दर्शाता है। ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद हुआ जिसका प्रभाव दुनिया पर पड़ा है।
भारत भी इससे अछूता नहीं रहा और यहां शहरों तक ग्रामीण इलाकों तक एलपीजी गैस की किल्लत देखने को मिली है। शहरों में कारखानों से लेकर रेस्तरां, होटल के साथ आम जनजीवन तक इससे प्रभावित हुए हैं। यही वजह है कि होर्मुज संकट पर दुनिया की नजरें टिकीं हैं। सवाल उठ रहे हैं कि इससे कब राहत मिल सकती है? आइए इस सवाल का जवाब ढूंढ़ने की कोशिश करते हैं।
देश में LPG Cylinder Shortage के बीच जमकर प्रभावित हुआ आम जनजीवन!
ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी आबादी तक में आम जनजीवन एलपीजी सिलेंडर की किल्लत के कारण जमकर प्रभावित हुआ है। तड़के सुबह गैस सिलेंडर के लिए एजेंसियों पर अफरा-तफरी इस दावे का पुख्ता प्रमाण है। इतना ही नहीं, एलपीजी सिलेंडर जमाखोरी और कालाबाजारी की खबरें भी खूब सुर्खियों में रही जिसका दंश सीधे तौर पर आम जनता ने ही झेला है।
शहरों में होटल और रेस्तरां इस त्रासदी के कारण प्रभावित हैं। आलम ये है कि लोगों को भोजन-नाश्ते के लिए जद्दोजहद़ करनी पड़ी है। कारखानों में रहने वाले मजदूरों व अन्य कामगारों पर भी एलपीजी सिलेंडर शॉर्टेज का असर साफ तौर पर नजर आया है। खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने वाले ढ़ाबे तक गैस सिलेंडर की अभाव में बंद नजर आए। ये दर्शाता है कि देश में एलपीजी सिलेंडर शॉर्टेज का कितना प्रतिकूल असर पड़ा है।
होर्मुज संकट से कब तक मिल सकती है राहत?
इस सवाल का पुख्ता जवाब भविष्य के गर्भ में है। हालांकि, भारत सरकार लगातार ईरान से वार्ता कर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से कच्चा तेल और एलपीजी समेत अन्य ऊर्जा के स्रोत लिए जहाज़ों का आवागमन सुनिश्चित करा रही है। शिवालिक और नंदा देवी जहाज़ का गुजरात में बंदरगाह पर पहुंचना इन प्रयासों की सफलता का संकेत भी है।
अमेरिका ने भी स्पष्ट किया है कि ईरान के पास अब युद्ध करने की क्षमता नहीं बची है। ईरान का शीर्ष नेतृत्व युद्ध की भेंट चढ़ गया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुलवाने का प्रयास पूर्णत: जारी है। आसार जताए जा रहे हैं कि जल्द ही दुनिया को होर्मुज संकट से राहत मिलेगी। हालांकि, तय समय बताना अभी जल्दबाजी भरा कदम होगा जिससे सभी बचना चाहते हैं।





