Ganga Expressway: उत्तर प्रदेश के सबसे चर्चित एक्सप्रेसवे में से एक गंगा एक्सप्रेसवे के संचालन को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। बता दें कि इस एक्सप्रेसवे का मेरठ से प्रयागराज के बीच संचालन किया जाएगा। गौरतलब है कि इस एक्सप्रेसवे से पश्चिमी यूपी से कनेक्टिविटी हो जाएगी। साथ ही सफर 6 से 8 घंटे का रह जाएगा। कई मायनों में यह एक्सप्रेसवे एक गेमचेंजर साबित होने जा रहा है। इसके शुरू होने से कई शहरों में जबरदस्त विकास होने की उम्मीद है। अगर इस एक्सप्रेसवे के खासियत की इसपर फाइटर जेट जैसे सुखोई, राफेल की इमरजेंसी लैंडिंग की जा सकेगी। इसके अलावा एआई लोगों की जिंदिगियां बचाने में मदद करेगा। चलिए आपको इस एस्कप्रेसवे के खासियत के बारे में बताते है।
Ganga Expressway पर सुखोई, राफेल की होगी इमरजेंसी लैंडिंग
जानकारी के मुताबिक भारतीय वायुसेना ने उत्तर प्रदेश के गंगा एक्सप्रेसवे (शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश) पर बने 3.5 किलोमीटर लंबे एयरस्ट्रिप/आपात रनवे पर लड़ाकू विमानों का अभ्यास किया है, जिसमें राफेल, सुखोई, जगुआर, मिराज‑2000 और अन्य विमान ने टच‑एंड‑गो लैंडिंग और टेक‑ऑफ डेमो किया। यह एक्सरसाइज दिन और रात दोनों समय में आयोजित हुई।
यह अभ्यास भारत की रनवे‑लेस आपातकालीन लैंडिंग क्षमता बढ़ाने के लिए किया गया था ताकि ज़रूरत पड़ने पर हाईवे को एयरबेस की तरह इस्तेमाल किया जा सके। यह देश में पहली बार ऐसा अभ्यास है जहाँ हाईवे पर रात में लड़ाकू विमानों की लैंडिंग‑टेक‑ऑफ की प्रैक्टिस हुई थी, जो दर्शाता है कि गंगा एक्सप्रेसवे को कितना आधुनिक बनाया गया है।
अगर इसके संचालन की बात करें तो जब कोई सैन्य अभ्यास या इमरजेंसी ऑपरेशन होता है, तो हाईवे का उस सेक्शन का ट्रैफिक तुरंत रोक दिया जाएगा। पुलिस और स्थानीय प्रशासन सभी वाहनों को अन्य मार्ग पर मोड़ देंगे।
गंगा एक्सप्रेसवे पर एआई बचाएगा जिंदगियां
गौरतलब है कि गंगा एक्सप्रेसवे को काफी आधुनिक तरीके से तैयार किया गया है। भारत के में गंगा एक्सप्रेसवे सिर्फ तेज़ और सुगम यात्रा के लिए नहीं बनाया जा रहा, बल्कि रोड सेफ्टी और इमरजेंसी रिस्पॉन्स में भी क्रांति लाने वाला है। इस एक्सप्रेसवे को एआई-संचालित आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली से लैस किया जा रहा है, जो दुर्घटना होने पर तुरंत मदद पहुंचाएगा।
सबसे खास बात है कि किसी भी दुर्घटना या असामान्य घटना को पहचानकर एआई सिस्टम निकटतम आपातकालीन इकाई को तुरंत अलर्ट कर देता है। यानि आसान भाषा में समझे तो अगर एक्सप्रेसवे पर किसी प्रकार का एक्सीडेंट होगा, तो एआई तुरंत इमरजेंसी सेवा को अलर्ट भेज देगा, जिससे मेडिकल टीम वहां पहुंचकर घायल लोगों को उपचार दे सके और उन्हें तुरंत अस्पताल भेजा जा सके। माना जा रहा है कि इससे बड़ी संख्या में लोगों की जान बचेगी।






