Gyanesh Kumar: मतदाता सूची में फेरबदल और एक तरफा फैसला लेने को लेकर सवालों के कटघरे में खड़े मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं कॉकरोच जनता पार्टी की तरफ से भी अल्टीमेटम जारी किया गया है और इस पर शनिवार को विपक्ष एक अहम कदम उठा सकते हैं। वहीं कांग्रेस की तरफ से भी चुनाव आयुक्त को घेरने की तैयारी जारी है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला और कांग्रेस की तरफ से किस तरह से निशाना साधा गया है। वहीं विपक्षी नेता और कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने बड़ा बयान दिया है।
कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार को हटाने पर क्या कहा
Gyanesh will go, it’s a matter of time. And then Congress will make it happen.
The protests held by our leaders and workers across the country demanding his removal are just the beginning. There will be a massive outpouring of the defenders of democracy, against the deshdrohis… pic.twitter.com/Y80hsOyj98
— K C Venugopal (@kcvenugopalmp) September 25, 2026
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा, “ज्ञानेश जाएंगे, यह तो बस समय की बात है। और फिर कांग्रेस ऐसा करके दिखाएगी।” X प्लेटफार्म पर उन्होंने कई तस्वीरों को शेयर करते हुए कहा, “देश भर में हमारे नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा उन्हें हटाने की मांग को लेकर किए जा रहे विरोध प्रदर्शन तो बस शुरुआत हैं। लोकतंत्र के रक्षकों का एक बड़ा हुजूम उन देशद्रोहियों के खिलाफ निकलेगा जो इसे खत्म करना चाहते हैं।” ऐसे में जाहिर तौर पर केंद्र सरकार और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अल्टीमेटम जारी किया गया है।
Gyanesh Kumar के खिलाफ कांग्रेस ने की लोगों को मोर्चा खोलने की अपील
कांग्रेस महासचिव ने आगे लिखा कि “हर भारतीय जिसे हमारे लोकतंत्र को बचाने की थोड़ी भी चिंता है, उसे आगे आना चाहिए और इस सरकार और इसके कठपुतलियों पर इतना दबाव डालना चाहिए कि वे हमारे वोट की इस दिनदहाड़े लूट के लिए जवाबदेही तय करें, और यह पक्का करें कि हमारे लोकतंत्र को खत्म करने के लिए दोषियों को कड़ी सजा मिले।” ज्ञानेश कुमार को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है और इस पर विपक्षी दल लगातार हमलावर हैं और वोट चोरी का आरोप लगा रहे हैं।
क्या है ज्ञानेश कुमार को लेकर विवाद की असली वजह
दरअसल ज्ञानेश कुमार को लेकर विवाद की शुरुआत तब हुई जब चुनाव आयोग के भीतर आंतरिक कलह और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया में गड़बड़ी की चीज सामने आई। रिपोर्ट में बताया गया कि चुनाव आयोग के दो अन्य आयुक्तों ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कई दफा लिखित आपत्तियां दर्ज की है लेकिन उस पर कोई भी कार्रवाई नहीं हुई। वहीं ज्ञानेश पर एक तरफा बिना जानकारी के फैसले लेने का भी आरोप लगाया गया। इसकी वजह से केंद्र सरकार के विरोध में विपक्ष खड़े हो गए हैं और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है और इसे लेकर प्रदर्शन जारी है।
