Jharkhand News: किसी भी राज्य के विकास और वहां की प्रगति में किसानों की अहम भूमिका होती है और ऐसे में उन्हें हर संभव सुविधाएं मिल सके इसका ध्यान रखा जाता है। वहीं इस सबके बीच सीएम हेमंत सोरेन की तरफ से झारखंड राज्य फसल राहत योजना चलाया जा रहा है जो निश्चित तौर पर फसल की क्षति की भारपाई करने के लिए किसानों के लिए मजबूत आधार है। झारखंड न्यूज़ में आइए जानते हैं कि आखिर क्या है सीएम हेमंत सोरेन के द्वारा चलाया जा रहा झारखंड राज्य फसल राहत योजना जिससे हजारों किसानों को फायदा मिलता है।
क्या है झारखंड राज्य फसल राहत योजना और कैसे करता है यह काम
अगर झारखंड राज्य फसल राहत योजना के बारे में बात करें तो इससे फसल की क्षति होने पर 3000 प्रति एकड़ से लेकर 4000 प्रति एकड़ तक की सहायता राशि प्रदान की जाती है। 2022 से राज्य में यह योजना का शुभारंभ हुआ है जिसमें कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग झारखंड सरकार के तहत काम किया जाता है। इसके लिए सरकार ने पोर्टल भी जारी किया है। यह निश्चित तौर पर किसानों के हित के लिए जरूरी झारखंड सरकारी योजना है।
Jharkhand News में जाने क्या है झारखंड राज्य फसल राहत योजना का उद्देश्य
अगर इस योजना के बारे में बात करें तो प्राकृतिक आपदा या किसी दुर्घटना में किसानों की फैसले अगर बर्बाद हो जाती है तो उसकी भरपाई सरकार की तरफ से की जाती है। किसानों के लिए उनका फसल ही कमाई का सबसे महत्वपूर्ण जरिया होता है। इसी उद्देश्य के तहत इस योजना की शुरुआत की गई है जिसमें किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना के तहत अगर 20% तक फसल बर्बाद होता है तो 3000 प्रति एकड़ की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है तो वही अगर 86% से ऊपर साल बर्बाद हो गई है तो 4000 रुपए प्रति एकड़ की आर्थिक राशि दी जाती है।
किसे मिलता है सरकारी स्कीम का फायदा
किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ फसल खराब होने पर हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए निश्चित तौर पर सीएम हेमंत सोरेन सरकार की तरफ से यह महत्वपूर्ण स्कीम है। जहां किसान की आयु 18 वर्ष से ज्यादा होने के साथ ही वह झारखंड के ही लघु एवं सीमांत किसान हो। अपनी जमीन पर भी खेती करने वाले किसानों को इसका फायदा मिलता है।
