Analogue Paneer: पनीर की शक्ल में बाजारों में बिक रहे एनालॉग पनीर पर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी की FSSAI ने गाज गिरा दी है। अब उन सभी ब्रांड को डेयरी प्रोडक्ट शब्द हटाना होगा, जो दूध के नहीं बने होते हैं लेकिन इसका स्वाद और बनावट बिल्कुल डेयरी प्रोडक्ट की तरह होती है।एनालॉग पनीर और असली पनीर एक जैसा दिखता है। इसीलिए लोग भ्रमित होकर इसे खएरीद लेते हैं और ये हेल्थ को प्रभावित करता है। क्योंकि ये गैर डेयरी प्रोडक्ट से मिलकर बनता है। सीमित मात्रा में इसे खाने से तुरंत कोई बड़ा खतरा नहीं होता, लेकिन लगातार और लंबे समय तक इसका सेवन करने से स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंच सकते हैं। ये दिल , किडनी और ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए काल हो सकता है।
Analogue Paneer कैसे खराब कर रहा हेल्थ
1-एनालॉग पनीर स्किम्ड मिल्क पाउडर, पाम ऑयल, कॉर्न स्टार्च, आलू का स्टार्च, सोया प्रोटीन और थिकनर्स से मिलकर बनाया जाता है। जिसके कारण जिसके कारण इनमें बैड कोलेस्ट्रॉल और ट्रांस फैट की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। लगातार इसके सेवन से दिल की धमनियां प्रभावित हो सकती है। इससे हार्ट अटैक भी हो सकता है।
2-अगर लगातार पनीर समझकर इसका सेवन किया जा रहा है तो ये किडनी और लीवर को बहुत बुरी तरह से प्रभावित करता है। क्योंकि इसमें सिंथेटिक फैट और पाम ऑयल बहुत अधिक होता है। शरीर के ये महत्वपूर्ण अंगर इसे पचा नहीं पाते हैं और खराब होने लगते हैं। ये पाचन तंत्र को धीमा करके गैस, एसिडिटी, अपच और पेट दर्द को बढ़ाता है।
3-इस पनीर हाई-कैलोरी और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड है। जिसके कारण डायबिटीज और ब्ल्ड प्रेशर की समस्याएं बढ़ सकती हैं। ये मोटापा और क्रोनिक बीमारियों को बढ़ाता है। इनमें प्रोटीन और कैल्शियम ना के बराबर होता है।
एनालॉग पनीर पर FSSAI ने क्यों लिया एक्शन?
एनालॉग पनीर पर एक्शन लेने का भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण का प्रमुख कारण फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स है। ताकि कोई भ्रमित होकर गलत चीजों का प्रयोग ना करे। इसीलिए एनालॉग अब पनी के नाम से नहीं बिकेगा। कंपनियों को गैर-डेयरी विकल्प के तौर पर ही बेचना होगा ताकि ग्राहक भ्रमित न हों। इससे नकली पनी पर बैन लग सकेगा। इसीलिए रेस्टोरेंट, होटल और डेयरी सप्लायर्स पर छापा पड़ेगा, ताकि खुलसा हो सकेगा कि, पनीर असली बेचा जा रहा है या फिर नकली। आपको बता दें, भारत में महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश जैसे प्रदेशों में पहले से ही एनलॉग पनीर पर प्रतिबंध लगा हुआ है.
