Haryana News: नकोदर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का संबोधन
- अलमस्त बापू लाल बादशाह जी के डेरे पर आयोजित तीन दिवसीय मेले में आना मेरा परम सौभाग्य- मुख्यमंत्री
- ये तीन दिवसीय मेला केवल एक उत्सव नहीं है आत्मा से जुड़ाव, दिलों की नजदीकी और रूहानी संदेशों की पुन: स्थापना का प्रयास
- इस पावन आयोजन के लिए सभी श्रद्धालुओं, सेवादारों और आयोजकों को हार्दिक शुभकामनाएं- मुख्यमंत्री
- भारतवर्ष एक ऐसा देश जहां विविधता में भी है एकता
- इसी विविधता को एकता के सूत्र में पिरोने का काम सूफी संतों ने किया- मुख्यमंत्री
- नकोदर की यह धरा सिर्फ पंजाब की नहीं बल्कि पूरे भारतवर्ष की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत की अमूल्य धरोहर
- यह भूमि बुल्ले शाह, बाबा मुराद शाह और श्री अलमस्त बापू लाल बादशाह की जैसी रूहानी शख्सियतों से जुड़ी- मुख्यमंत्री
- महान सूफी संत अलमस्त बापू लाल बादशाह जी का जीवन भी प्रेम, सेवा, समानता और इंसानियत की अद्भुत मिसाल
- हरियाणा भी सूफी परंपरा से अछूता नहीं- मुख्यमंत्री
- जींद, हिसार, मेवात, पलवल, फरीदाबाद और पानीपत जैसे जिलों में कई पीर फकीर आज भी लोगों के दिलों में बसे हैं
- हमारी सरकार ने न केवल धार्मिक स्थलों के संरक्षण के लिए प्रयास किए बल्कि सांस्कृतिक मेलों और रूहानी कार्यक्रमों को भी दिया बढ़ावा
- हमारे युवा पीर फकीरों, संत महात्माओं और ऋषि मुनियों के दिखाए मार्ग को समझें और उसे अपने जीवन में उतारे- मुख्यमंत्री
- हमें जात-पात, धर्म, भाषा, क्षेत्रवाद की दीवारें तोड़ कर ऐसे भारत की ओर बढ़ना है जहां हर नागरिक सिर्फ इंसानियत के नाम से पहचाना जाए
- यह वार्षिक मेला सदैव इसी प्रकार श्रद्धा, सेवा, भाईचारे और मानवता का देता रहे संदेश ऐसी मेरी कामना- मुख्यमंत्री







