Strait of Hormuz: दुनिया में इस वक्त की सबसे बड़ी खबर को लेकर सनसनी मची है। एक दावा तेजी से वायरल है जिसके मुताबिक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारतीय तेल टैंकर गुजरने की छूट दी गई है। ईरान पर इजरायल-अमेरिका द्वारा किए गए हमलों के बाद दुनिया के लिए अहम माने जाने वाले समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद किया गया था।
हालांकि, अब दावा है कि ईरान ने भारतीय तेल टैंकर को इस समुद्री मार्ग से जाने की छूट दी है। दुनिया भर में सुर्खियों का विषय बन चुके इस दावे के बीच ईरान की प्रतिक्रिया आने की खबर भी है। ऐसे में आइए हम आपको सबकुछ विस्तार से बताने की कोशिश करते हैं, ताकि जानकारी हासिल करने में मदद मिल सके।
बिना रुकावट Strait of Hormuz से गुजरेंगे भारतीय तेल टैंकर!
सोशल मीडिया से लेकर मेन स्ट्रीम मीडिया तक में ये दावा तेजी से प्रसारित हो रहा है। कहा जा रहा है कि भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से वार्ता की है। इसके बाद भारतीय तेल टैंकर्स को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति मिली है। यदि ऐसा है तो अमेरिका-इजरायल-ईरान वॉर के बीच भारतीय तेल टैंकर बिना किसी रुकावट के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरेंगे।
गौरतलब है कि ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमले और सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया गया था। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक मात्र समुद्री रास्ता है जिसकी मदद से भारत समेत कई देशों में कच्चे तेल की आपूर्ति होती है। इसके बंद होने से देश के विभिन्न हिस्सों में ईंधन संकट गहराने की बात सामने आई थी। हालांकि, अब दावा किया जा रहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारतीय टैंकर सुरक्षित निकल सकेंगे और ईंधन संकट से निपटा जा सकेगा।
मिडिल ईस्ट में अफरा-तफरी के बीच ईरान की प्रतितक्रिया!
खबरों की मानें तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारतीय तेल टैंकर्स को मिली छूट वाले दावे को लेकर मिडिल ईस्ट में अफरा-तफरी मची है। खाड़ी देशों से इतर दुनिया के तमाम देशों को ये बात नागवार गुजर रही है कि ईरान कैसे भारत को तेल टैंकर ले जाने की छूट दे सकता है। इसी बीच ईरान की प्रतिक्रिया आने की खबर सामने आई है।
अपुष्ट जानकारी के मुताबिक ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने से जुड़े दावों को सिरे से खारिज किया है। हालांकि, ये जानकारी अमेरिकी अखबारों की मदद से सामने आई है। ईरान के किसी आधिकारिक स्रोत से कोई डिनायल नहीं है। यही वजह है कि आधिकारिक स्रोत के लिए इंतजार करना ही एकमात्र विकल्प है।
