JPSC-JSSC Protest: 14वीं JPSC रद्द करने की मांग पर सरकार से मिले NSUI प्रतिनिधि, मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा- मांगों पर होगी सकारात्मक पहल

JPSC-JSSC Protest: झारखंड में JPSC और JSSC की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता की मांग को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच सरकार ने विभिन्न छात्र संगठनों और परीक्षा से जुड़े हितधारकों से संवाद तेज कर दिया है।

JPSC-JSSC Protest

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JPSC-JSSC Protest: झारखंड में JPSC और JSSC की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता की मांग को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच सरकार ने विभिन्न छात्र संगठनों और परीक्षा से जुड़े हितधारकों से संवाद तेज कर दिया है। इसी कड़ी में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने NSUI प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर छात्रों की मांगों और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।बैठक के दौरान मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार आंदोलन से जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स से बातचीत कर उनकी राय और मांगों को समझने का प्रयास कर रही है। इसी क्रम में NSUI प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की गई है। उन्होंने कहा कि NSUI की ओर से रखी गई मांगों को गंभीरता से लिया गया है और इन मुद्दों पर मुख्यमंत्री की ओर से सकारात्मक पहल की उम्मीद है।

14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने की मांग

बैठक के बाद कुमार राजा ने बताया कि छात्रों से बातचीत के आधार पर उनकी मांगों को मांग पत्र के रूप में तैयार कर सरकार के समक्ष रखा गया है। इसमें सबसे प्रमुख मांग 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करने की है। छात्रों का कहना है कि सिर्फ किसी एक परीक्षा को लेकर समाधान निकालने के बजाय JPSC और JSSC की पूरी भर्ती परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की जरूरत है।

90 दिनों में CID-SIT जांच की मांग

छात्रों की ओर से मांग की गई है कि परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं की CID और SIT से जांच कराई जाए। साथ ही जांच को 90 दिनों के भीतर पूरा करने और जांच की प्रगति को सार्वजनिक करने की मांग भी रखी गई है।\

वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी करने की मांग

छात्र प्रतिनिधियों ने JPSC और JSSC की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि परीक्षा की तारीखों और भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता रहने से अभ्यर्थियों को तैयारी करने में सुविधा होगी और व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी।

आउटसोर्सिंग व्यवस्था पर भी उठे सवाल

कुमार राजा के मुताबिक छात्रों की मांग केवल 14वीं JPSC परीक्षा तक सीमित नहीं है। उनका जोर पूरी भर्ती परीक्षा व्यवस्था में सुधार पर है। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा व्यवस्था में व्याप्त कई समस्याओं की एक वजह आउटसोर्सिंग व्यवस्था भी है। ऐसे में इसे समाप्त कर अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सरकारी निगरानी वाली व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है।

छात्रों की प्रमुख मांगें

14वीं JPSC परीक्षा को रद्द किया जाए।
कथित अनियमितताओं की CID और SIT से जांच कराई जाए।
90 दिनों के भीतर जांच पूरी कर प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
JPSC और JSSC की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी किया जाए।
भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं की मूल वजहों को चिन्हित कर स्थायी समाधान किया जाए।
परीक्षा आयोजन में आउटसोर्सिंग व्यवस्था की समीक्षा कर पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था लागू की जाए।
सरकार और छात्र संगठनों के बीच जारी बातचीत के बीच अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि छात्रों की इन मांगों पर सरकार और मुख्यमंत्री स्तर से क्या फैसला लिया जाता है।

रांची से सुनील पोद्दार की रिपोर्ट

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