LPG-Fuel Crisis: पश्चिम एशिया की हालिया स्थिति दुनिया के अनुकूल नहीं है। इसके कारण ऊर्जा स्रोतों की सप्लाई बुरी तरह बाधित हुई है। दुनिया के तमाम देश एलपीजी-फ्यूल क्राइसिस का सामना कर रहे हैं। भारत में भी एलपीजी की किल्लत नजर आई थी। ईंधन संकट को लेकर भी अफवाह चला। हालांकि, स्थिति अभी सामान्य है।
उपभोक्ताओं तक आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। संकट की ये स्थिति होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की नाकेबंदी के कारण उतपन्न हुई है। पाकिस्तान, चीन, नेपाल, बांग्लादेश समेत तमाम मुल्कों में एलपीजी-फ्यूल क्राइसिस का संकट गहराया है। इस बीच हम आपको भारत की हालिया स्थिति के बारे में बताने की कोशिश करेंगे।
भारत में ग्रामीण से शहरी इलाकों तक क्या है स्थिति?
वर्तमान हालात की बात करें तो एलपीजी या ईंधन को लेकर ग्रामीण से शहरी इलाकों तक में स्थिति सामान्य नजर आ रही है। गैस एजेंसियों पर लगने वाली कतारें कम हुई हैं। ग्रामीण के साथ देश के शहरी इलाकों में 24 से 26 मार्च की दरमियान ईंधन संकट को लेकर अफवाह फैली। फिर देखते ही देखते पेट्रोल पंपों पर वाहनों की कतार लगने लगी और लोग घबराए नजर आए।
एलपीजी सिलेंडर को लेकर भी यही स्थिति शुरुआत में नजर आई थी। हालांकि, अब बुकिंग करने वाले उपभोक्ताओं तक एलपीजी सिलेंडर की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमत नहीं बढ़ी है। दुनिया में तमाम देशों में जहां हाहाकार है, वहीं भारत में सरकार की सूझ-बूझ से स्थिति सामान्य नजर आ रही है।
होर्मुज संकट से LPG-Fuel Crisis का सामना कर रही दुनिया!
आज दुनिया के तमाम देश एलपीजी के साथ फ्यूल संकट का दंश झेल रहे हैं। इसकी प्रमुख वजह होर्मुज संकट है। दरअसल, ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद इस अहम समुद्री मार्ग पर ईरान की नाकेबंदी है। यहां से निकलने वाले जहाजों पर ईरान ने पूरी तरह से रोक लगा रखा है। भाररत, चीन, पाकिस्तान, रूस जैसे देशों के जहाज़ ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर रहे हैं।
दुनिया के अन्य तमाम देशों में ऊर्जा स्रोत की सप्लाई होर्मुज संकट के कारण बाधित है। यही वजह है कि कई देशों में ईंधन की कीमतें 30-50 प्रतिशत तक बढ़ चुकी हैं। एलपीजी बाजार की स्थिति भी ऐसी ही है। एशिया के साथ यूरोप के कई देश भी इससे प्रभावित हैं। उन देशों में हाहाकार की स्थिति है और लोग ईंधन की बूंद-बूंद के लिए तरसते हुए जीवन यापन कर रहे हैं।






