LPG Shortage: देश के विभिन्न हिस्सों में एलपीजी गैस का संकट गहरा रहा है। बेंगलुरु से दिल्ली तक इसकी सुगबुगाहट तेज हो गई है। ग्रामीण इलाकों में भी प्रात: एलपीजी सिलेंडर के लिए गैस एजेंसी पर लगने वाली कतारें प्रतिकूल स्थिति को बयां कर रही है। आम लोग एलपीजी गैस सिलेंडर के लिए परेशान नजर आ रहे हैं।
एचपीसीएल से लेकर बीपीसीएल व इंडियन ऑयल जैसी संस्थाओं का बयान भी सामने आया है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच उपजी इस स्थिति को लेकर केन्द्र सरकार भी एक्शन मोड में है। दावा किया जा रहा है कि जल्द ही लोगों को एलपीजी शॉर्टेज से राहत मिलेगी। ऐसे में आइए हम आपको संस्थाओं के बयान के साथ सरकार का फैसला बताते हैं।
बेंगलुरु से दिल्ली तक LPG Shortage को लेकर हाहाकार के बीच संस्थाओं का बयान!
एचपीसीएल के साथ बीपीसीएल और इंडियन ऑयल जैसी संस्थाओं ने देश के विभिन्न हिस्सों में एलपीजी शॉर्टेज को लेकर बयान जारी किए हैं। तीनों संस्थाओं ने एक ही बयान जारी कर लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है।
In light of current geopolitical disruptions affecting global fuel supply, steps have been taken to enhance LPG production and prioritise its availability for domestic consumers and essential non-domestic sectors such as hospitals and educational institutions.
Requests from… pic.twitter.com/jabsTt09rf
— Hindustan Petroleum Corporation Limited (@HPCL) March 10, 2026
संस्थाओं का कहना है कि “वर्तमान भू-राजनीतिक व्यवधानों के कारण वैश्विक ईंधन आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इसलिए एलपीजी उत्पादन बढ़ाने और घरेलू उपभोक्ताओं तथा अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे आवश्यक गैर-घरेलू क्षेत्रों के लिए इसकी उपलब्धता को प्राथमिकता देने के लिए कदम उठाए गए हैं।”
In light of current geopolitical disruptions affecting global fuel supply, steps have been taken to enhance LPG production and prioritise its availability for domestic consumers and essential non-domestic sectors such as hospitals and educational institutions.
Requests from… pic.twitter.com/IUftzSasX3
— Bharat Petroleum (@BPCLimited) March 10, 2026
बताया गया है कि “अन्य गैर-घरेलू क्षेत्रों से प्राप्त अनुरोधों की समीक्षा तेल विपणन कंपनियों के कार्यकारी निदेशकों की एक समिति द्वारा की जाएगी और योग्यता, आवश्यकता और उत्पाद की उपलब्धता के आधार पर प्राथमिकता दी जाएगी।”
In light of current geopolitical disruptions affecting global fuel supply, steps have been taken to enhance LPG production and prioritise its availability for domestic consumers and essential non-domestic sectors such as hospitals and educational institutions.
Requests from other… pic.twitter.com/tvAftzauu4— Indian Oil Corp Ltd (@IndianOilcl) March 10, 2026
बीपीसीएल के साथ एचपीसीएल और इंडियन ऑयल की ओर से एक जैसी प्रतिक्रिया आई है। हालांकि, शिकायत व सुझाव के लिए संपर्क सूत्र और मेल अलग-अलग साझा किए गए हैं।
एलपीजी शॉर्टेज की खबरों के बीच एक्टिव हुई सरकार!
भारत सरकार भी एलपीजी शॉर्टेज की खबरों के बीच एक्टिव नजर आ रही है। सरकार की ओर से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के तीन कार्यकारी निदेशकों की एक समिति बनाई है। नवगठित समिति रेस्तरां, होटल व अन्य उद्योगों के लिए एलपीजी सप्लाई की समीक्षा करेगी। इसके आधार पर घरेलू सप्लाई को प्राथमिकता देते हुए आगे कदम उठाए जाएंगे।
गौरतलब है कि भारत अपनी खपत का 62 फीसदी से अधिक एलपीजी गैस आयात करता है। आयात होने वाले एलपीजी गैस का 85 से 90 फीसदी हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर आता है जो ईरान पर हमले के बाद से बंद है। यही वजह है कि भारत में एलपीजी शॉर्टेज देखने को मिल रही है। हालांकि, सरकार गंभीरता से कार्रवाई में जुटी है, ताकि लोगों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।
