LPG Shortage के कारण इलेक्ट्रिक उपकरणों का जबरदस्त उपयोग! होटल-रेस्टोरेंट में भी बढ़ी बिजली की खपत, क्या गर्मियों में होगी परेशानी?

LPG Shortage के कारण होटल, रेस्तरां, ढाबे व अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में बिजली की खपत बढ़ी है। लोग इंडक्शन, इलेक्ट्रिक स्टोव व अन्य उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं। इससे आने वाले दिनों में ऊर्जा संकट पैदा होने की आशंका है।

LPG Shortage

Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

LPG Shortage: देश में कॉमर्शियल एलपीजी की किल्लत ने व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को बुरी तरह प्रभावित किया है। आलम ये है कि होटल से रेस्तरां और ढाबा संचालक तक परेशान नजर आए हैं। हालांकि, एलपीजी शॉर्टेज की स्थिति सामान्य होने पर सरकार ने कॉमर्शियल गैस का आवंटन बढ़ाया है। बावजूद इसके व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में बिजली की खपत बढ़ी है।

इसका प्रमुख कारण है इंडक्शन, इलेक्ट्रिक स्टोव व अन्य इलेक्ट्रिक उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ना। इससे देश में शॉर्ट-टर्म ऊर्जा संकट पैदा हो गया है जो बिजली ग्रिड के लिए चुनौती बन सकता है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि क्या गर्मियों में विद्युत पर असर पड़ेगा? क्या लोगों को आगे परेशानी का सामना करना पड़ सकता है? ऐसे तमाम सवाल हैं जिनका जवाब ढूंढ़ने की कोशिश की जाएगी।

देश में LPG Shortage के कारण इलेक्ट्रिक उपकरणों का जबरदस्त उपयोग!

होटल से लेकर रेस्तरां, ढाबा व घरेलू उपयोग तक के लिए इलेक्ट्रिक उपकरणों की खरीदारी बढ़ गई है। देश के विभिन्न हिस्सों में एलपीजी शॉर्टेज की खबरों के कारण लोगों का रुझान बदला है। लोग अब इंडक्शन, इलेक्ट्रिक स्टोव, माइक्रोवेव व अन्य इलेक्ट्रिक उपकरणों की खरीदारी कर खाना पका रहे हैं। व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में भी इलेक्ट्रिक उपकरणों का उपयोग बढ़ा है। इससे बिजली खपत पर असर पड़ रहा है।

आंकड़ों की मानें तो यदि इलेक्ट्रिक उपकरणों का उपयोग ऐसे ही होता रहा, तो ऊर्जा ग्रिड पर दबाव पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में अगले 6 महीनों में लगभग 11.75 TWh की अतिरिक्त बिजली मांग हो सकती है। साथ ही पीक लोड पर 5-10 GW अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है, जिससे शहरी बिजली ग्रिडों में दिक्कतें आ सकती हैं। व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में बिजली की बढ़ती खपत चिंताजनक है जो लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है।

क्या गर्मियों में बढ़ेगी परेशानी?

इलेक्ट्रिक उपकरण के इस्तेमाल से बिजली की खपत बढ़ी है। पश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष के बीच एलपीजी शॉर्टेज ने लोगों को प्रभावित किया है। आम लोगों को गैस सिलेंडर के लिए एजेंसियों पर जद्दोजहद़ करनी पड़ रही है। इस बीच लोगों ने इलेक्ट्रिक उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ा दिया है। आलम ये है कि बिजली की खपत बढ़ गई है।

दावा किया जा रहा है कि यदि बिजली की खपत यूंही बढ़ती रही, तो आने वाले दिनों में आपूर्ति पर इसका प्रतिकूल असर पड़ सकता है। गर्मियों से पहले लोग विद्युत आपूर्ति से प्रभावित हो सकते हैं। बिजली की अतिरिक्त मांग के कारण आपूर्ति पर असर पड़ने से लोगों को गर्मियों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

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